कश्मीर में आंदोलन चलाने वालों से बातचीत संभव, रक्षा मंत्री बोले- ‘बैठकर बात करें समस्या क्या है?’

जम्मू-कश्मीर में एक दिवसीय दौरे पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह कारगिल के द्रास सेक्टर पहुंचे. शनिवार को कारगिल विजय की 20वीं वर्षगांठ पर जम्मू-कश्मीर के द्रास शहर में कारगिल युद्ध स्मारक पर शहीद सैनिकों को भावभीनी श्रद्धांजलि दी.

श्रीनगर: रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कठुआ में लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि ‘जो लोग कश्मीर में एक आंदोलन चला रहे हैं, अगर वे कोई समाधान चाहते हैं, तो मैं उनसे अपील करता हूं कि वे कम से कम एक बार बैठकर बात करें, यह समझने के लिए कि समस्या क्या है?, यह इसलिए मैं कह रहा हूं जिससे उन्हें एक साथ हल किया जा सके.’

कश्मीर मसले पर कड़ा रुख अपनाते हुए रक्षा मंत्री ने कहा कि ‘कश्मीर की समस्या हल हो जाएगी, दुनिया की कोई भी ताकत इसे रोक नहीं सकती. अगर कोई बातचीत के माध्यम से समाधान नहीं चाहता है, तो हम अच्छी तरह जानते हैं कि समाधान कैसे पाया जा सकता है.’

जम्मू-कश्मीर में एक दिवसीय दौरे पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह कारगिल के द्रास सेक्टर पहुंचे. शनिवार को कारगिल विजय की 20वीं वर्षगांठ पर जम्मू-कश्मीर के द्रास शहर में कारगिल युद्ध स्मारक पर शहीद सैनिकों को भावभीनी श्रद्धांजलि दी. रक्षामंत्री विशेष विमान से केंद्रीय राज्यमंत्री (प्रधानमंत्री कार्यालय) जितेंद्र सिंह के साथ सुबह श्रीनगर पहुंचे.

उनके स्वागत के लिए श्रीनगर अंतर्राष्ट्रीय हवाईअड्डे पर राज्यपाल के सलाहकार के.विजय कुमार मौजूद रहे. रक्षा मंत्रालय के एक बयान में बताया गया कि राजनाथ सिंह ने श्रीनगर से कारगिल के लिए उड़ान भरी. उनके साथ केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह, थल सेनाध्यक्ष जनरल बिपिन रावत और लेफ्टिनेंट जनरल रणबीर सिंह भी थे.

रक्षामंत्री ने प्रतिष्ठित कारगिल युद्ध स्मारक में ऑपरेशन विजय के वीर शहीदों को पुष्पांजलि अर्पित कर याद किया. इस दौरान शहीदों के सम्मान में एक मिनट का मौन रखा गया. कारगिल विजय दिवस की 20वीं वर्षगांठ पर अतीत की याद के तौर पर कुछ महत्वपूर्ण लड़ाइयों की जानकारी भी प्रदर्शित की गई. इसमें भारतीय सेना के अधिकारियों के साथ जवानों के वीरतापूर्ण कार्यो को याद दिलाया गया.

इसके बाद, 1999 में हुए कारगिल युद्ध के ऑपरेशन विजय के अनुभवी लेफ्टिनेंट जनरल वाईके जोशी ने भी सभी के साथ अनुभव साझा किए. इस कार्यक्रम के अलावा रक्षामंत्री ने सेक्टर में तैनात सैनिकों के साथ बातचीत करते हुए चाय की चुस्कियां भी लीं.

इसके अलावा रक्षामंत्री राज्य की सीमाओं पर सुरक्षा स्थिति की समीक्षा करने के लिए वास्तविक नियंत्रण रेखा (LC) और नियंत्रण रेखा (LOC) का दौरा भी कर रहे हैं. वह राज्य में अपनी दिनभर की यात्रा के बाद कठुआ और सांबा जिलों में दो पुलों का उद्घाटन करेंगे.

जम्मू-कश्मीर में रक्षामंत्री की यात्रा के दिन ही पाकिस्तानी सेना ने सुबह पुंछ जिले में एलओसी की तीन अलग-अलग जगहों पर द्विपक्षीय संघर्ष विराम का उल्लंघन करते हुए गोलीबारी की, जिसमें एक नागरिक घायल हो गया.

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