राफेल शस्त्र पूजा पर बोले राजनाथ सिंह- कोई महाशक्ति है, मैं इस पर भरोसा करता हूं

राफेल एयरक्राफ्ट की पूजा किए जाने पर छिड़े विवाद को लेकर डिफेंस मिनिस्टर ने कहा, 'मैंने वही किया, जो मुझे सही लगा. यह हमारी आस्था है कि कोई महाशक्ति है और मैं इस पर बचपन से भरोसा करता रहा हूं.'
राफेल विमान, राफेल शस्त्र पूजा पर बोले राजनाथ सिंह- कोई महाशक्ति है, मैं इस पर भरोसा करता हूं

नई दिल्ली: रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने राफेल लड़ाकू विमान रिसीव करते वक्त शस्त्र पूजा की थी. जिस पर कांग्रेस के कई नेताओं ने पाखंड करार दिया था और इस मामले पर बड़ा बवाल भी मचा था. राजनाथ सिंह भारत लौट चुके हैं. यहां आने पर उन्होंने इस विवाद पर बयान दिया है. उन्होंने कहा है कि ‘मैंने वही किया, जो मुझे सही लगा.

राफेल एयरक्राफ्ट की पूजा किए जाने पर छिड़े विवाद को लेकर डिफेंस मिनिस्टर ने कहा, ‘मैंने वही किया, जो मुझे सही लगा. यह हमारी आस्था है कि कोई महाशक्ति है और मैं इस पर बचपन से भरोसा करता रहा हूं.’ यही नहीं कांग्रेस के कुछ नेताओं की ओर से ऐतराज जताए को लेकर उन्होंने कहा, ‘मैं मानता हूं कि कांग्रेस पार्टी में भी इस पर राय बंटी हुई होगी.

जरूरी नहीं है कि हर किसी की यही राय हो.’ बता दें कि डिफेंस मिनिस्टर राजनाथ सिंह ने पैरिस जाकर 36 राफेल लड़ाकू विमानों की खेप के तहत पहला विमान रिसीव किया था. यही नहीं उन्होंने वहां राफेल एयरक्राफ्ट पर उड़ान भी भरी थी.

एयरक्राफ्ट को रिसीव करने के बाद डिफेंस मिनिस्टर ने दशहरे के मौके पर शस्त्र पूजन की विधि करते हुए राफेल की भी पूजा की थी. राफेल पर ॐ लिखने, नारियल चढ़ाने और पहियों के नीचे नींबू रखे जाने की तमाम लोग निंदा कर रहे थे. यही नहीं कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खड़गे और संदीप दीक्षित ने भी इस तरीके से एयरक्राफ्ट की पूजा किए जाने पर आपत्ति जताई थी.

दरअसल, खड़गे ने बुधवार को केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार पर तंज कसते हुए कहा कि उनकी पार्टी ने इतना दिखावा नहीं किया था जब उस समय सरकार बोफोर्स गन जैसा हथियार लेकर आई. शस्त्र पूजा को लेकर कांग्रेस नेता संजय निरुपम ने अपने ही पार्टी के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे को निशाने पर लिया. मल्लिकार्जुन खड़गे के बयान पर संजय निरुपम ने कहा कि शस्त्र पूजा कोई अंधविश्वास नहीं है. यह हमारी परंपरा का प्रतीक रहा है. दिक्कत यह है कि खड़गे नास्तिक हैं, इसलिए उन्हें यह तमाशा लगता है. ऐसे लोग केवल एक फीसदी हैं लेकिन एक फीसदी लोगों की विचार कांग्रेस की नहीं हो सकती.

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