अरविंद केजरीवाल कप्तान तो कौन-कौन होंगे उनके सिपाही !

मतदान से पहले ही इस बात की खूब चर्चाएं थी कि अगर अरविंद केजरीवाल फिर से सत्ता में आते हैं तो उनके नए मंत्रिमंडल में आतिशी राघव चड्ढा और सौरभ भारद्वाज जैसे किसी नए युवा चेहरे को जगह मिल सकती है.
Delhi assembly Election Arvind Kejriwal new team, अरविंद केजरीवाल कप्तान तो कौन-कौन होंगे उनके सिपाही !

दिल्ली की पिच पर आम आदमी पार्टी ने विरोधियों के छक्के छुड़ा दिए हैं, तीसरी बार मुख्यमंत्री पद के तौर पर अरविंद केजरीवाल के सिर पर जीत का सेहरा सजने जा रहा है. इसी कड़ी में अरविंद केजरीवाल 16 फरवरी को दिल्ली के रामलीला मौदान में शपथ लेंगे लेकिन सबके मन में अब एक ही सवाल है कि क्या केजरीवाल पुराने साथियों के साथ ही मैदान पर उतरेंगे या किसी नए और युवा चेहरे को अपने साथ लेकर आगे की सरकार चलाएंगे?

दरअसल मतदान से पहले ही इस बात की खूब चर्चाएं थी कि अगर अरविंद केजरीवाल फिर से सत्ता में आते हैं तो उनके नए मंत्रिमंडल में आतिशी राघव चड्ढा और सौरभ भारद्वाज जैसे किसी नए युवा चेहरे को जगह मिल सकती है. यह सभी युवा चेहरे अरविंद केजरीवाल के बेहद करीबी माने जाते हैं और इन सभी के लिए अरविंद केजरीवाल ने इनके विधानसभा क्षेत्र में खूब प्रचार भी किया था.

लेकिन फिलहाल ऐसा होता नहीं दिख रहा. पार्टी सूत्रों ने नतीजे मिलने के तुरंत बाद ही मंत्रिमंडल की तस्वीर भी साफ कर दी है. सूत्रों के मुताबिक केजरीवाल पुराने साथियों के साथ ही नई सरकार बनाने जा रहे हैं. ऐसे में नए युवा चेहरों को मंत्रिमंडल में शामिल करने की अटकलों पर भी पूर्ण विराम लग गया है.

ऐसी होगी कप्तान केजरीवाल की नई टीम

अरविंद केजरीवाल के दाहिने हाथ माने जाने वाले मनीष सिसोदिया के साथ-साथ गोपाल राय, इमरान हुसैन, सत्येंद्र जैन, कैलाश गहलौत और राजेंद्र पाल गौतम एक बार फिर से दिल्ली सरकार में मंत्री बनेंगे. हालांकि किस को कौन सा मंत्रालय मिलेगा, इसको लेकर तस्वीर अभी साफ नहीं हुई है लेकिन मंत्रियों की लिस्ट उपराज्यपाल के दफ्तर से होते हुए राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को भेज दी गई है.

मंत्रिमंडल के चेहरे क्यों नहीं बदल रहे केजरीवाल?

अब सवाल उठता है कि दिल्ली विधानसभा की 70 में से 62 सीटें जीतकर सरकार बनाने जा रहे अरविंद केजरीवाल अपने मंत्रिमंडल के चेहरे क्यों नहीं बदल रहे हैं? इस पर पार्टी सूत्रों ने बताया कि दिल्ली की जनता ने केजरीवाल और उनके मंत्रियों के किए एक-एक काम से खुश होकर आम आदमी पार्टी की सरकार फिर से बनाई है. ऐसे में पुराने चेहरों की जगह नए विधायकों को मंत्री बनाना जनता को नाराज करने जैसा होगा और यही वजह है कि अरविंद केजरीवाल अपने पुराने साथियों के साथ ही एक बार फिर से नई सरकार बनाने जा रहे हैं.

केजरीवाल की टीम में सभी साथी पुराने होंगे इस बात पर मुहर 16 फरवरी को रामलीला मैदान में लग जाएगी. इसके साथ ही एक संदेश उन जीते हुए युवा विधायकों को भी जाएगा कि मंत्रिमंडल में पहुंचने के लिए उन्हें अभी थोड़ा इंतजार और करना पड़ेगा.

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