गाड़ियों में कॉन्डम रखकर चल रहे दिल्ली के कैब ड्राइवर, जानिए क्यों

दिल्ली के अधिकांश कैब ड्राइवर अपनी गाड़ी के फर्स्ट ऐड बॉक्स में कॉन्डम रखकर चलते हैं. ज्यादातर को इसकी वजह नहीं मालूम.

दिल्ली के अधिकांश कैब ड्राइवर अपनी गाड़ी के फर्स्ट ऐड बॉक्स में कॉन्डम रखकर चलते हैं. ज्यादातर को इसकी वजह नहीं मालूम लेकिन बताते हैं कि अगर ये न हो तो चालान कट जाता है. यानी कागजात पूरे हों, सीटबेल्ट लगा रखी हो, इस सबके बावजूद कॉन्डम की वजह से चालान कट सकता है.

दिल्ली की सर्वोदय ड्राइवर असोसिएशन के प्रेसीडेंट कमलजीत गिल बताते हैं कि दिल्ली के सभी सार्वजनिक वाहनों में कम से कम तीन कॉन्डम रखना अनिवार्य है. हालांकि ड्राइवरों को पता नहीं है कि ऐसा क्यों किया गया है.

कमलजीत इसका जवाब देते हैं कि कॉन्डम का इस्तेमाल हड्डी में चोट लगने या कहीं कट लगने पर किया जा सकते है. ब्लीडिंग वाली जगह को इससे बांधा जा सकता है. इसलिए फर्स्ट ऐड बॉक्स में पैरासिटामॉल, बैंडेज, डिटॉल के अलावा कॉन्डम लेकर चलना भी जरूरी है.

कानून में कॉन्डम की बात नहीं

एक कैब ड्राइवर का कहना है कि ट्रैफिक पुलिस कर्मियों की तरफ से कभी कॉन्डम के बारे में नहीं पूछा जाता है. ट्रैफिक पुलिस अधिकारी ने बताया कि ऐसा कोई नियम नहीं है. फिटनेस टेस्ट में भी इसकी जांच नहीं की जाती. अगर कॉन्डम न रखने की वजह से किसी का चालान कटता है तो उसे बड़े अधिकारियों से संपर्क करना चाहिए.