DCW अध्यक्ष स्वाति मालीवाल ने लिया तलाक, लिखा-‘खत्म हुई मेरी भी परीकथा’

स्वाति और नवीन की मुलाकात साल 2011 में अन्ना हजारे के आंदोलन के समय हुई थी, जब कोयला घोटाले के विरोध में 'इंडिया अगेंस्ट करप्शन' ने प्रदर्शन किया था.

दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष स्वाति मालीवाल ने पति नवीन जयहिंद से तलाक ले लिया है. स्वाति मालीवाल ने ट्वीट करके अपने तलाक की जानकारी दी है. ट्वीट में उन्होंने लिखा कि वो तलाक होने के बाद भी नवीन को मिस करेंगी.

स्वाति ने ट्वीट में लिखा, ‘वो पल सबसे दर्दनाक होता है जब आपकी परीकथा खत्म होती है. मेरा कहानी खत्म हो गई है. मेरा और नवीन का तलाक हो गया है. कभी-कभी दो सबसे अच्छे लोग भी एक साथ नहीं रह सकते. मैं हमेशा नवीन को याद करूंगी. मैं हर दिन ईश्वर से प्रार्थना करती हूं कि वो मुझे और मेरे जैसे दूसरे लोगों को इस दर्द से निपटने के लिए शक्ति प्रदान करें.’

बता दें कि स्वाति जुलाई, 2015 से दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष हैं. उनके कार्यकाल को जुलाई 2018 में तीन वर्षो के लिए बढ़ा दिया गया था. वह इस पद पर आसीन होने वाली सबसे युवा महिला हैं. स्वाति मालीवाल महिलाओं से जुड़े मामलों में कई बार धरने पर बैठ चुकी हैं. उन्होंने दिल्ली में कई जगहों पर चल रहे देह व्यापार के विरोध में आवाज उठाई है. महिला आयोग की अध्यक्ष बनने से पहले स्वाति दिल्ली के CM अरविंद केजरीवाल की सलाहकार रह चुकी हैं.

ऐसे हुआ प्यार

रोहतक के रहवासी नवीन जयहिंद और गाजियाबाद में पैदा हुईं स्वाति मालीवाल दोनों अरविंद केजरीवाल के करीबी हैं. साल 2011 में अन्ना हजारे के आंदोलन के समय दोनों की मुलाकात हुई, जब कोयला घोटाले के विरोध में इंडिया अगेंस्ट करप्शन की टीम ने प्रदर्शन किया था. स्वाति और नवीन भी इस टीम का हिस्सा थे. भ्रष्टाचार की खिलाफत में हुई इस लड़ाई में पुलिस ने नवीन पर लाठीचार्ज किया था तब स्वाति उन्हें बचाने के लिए आगे आई थीं. दोनों की इस मौके की तस्वीर भी सोशल मीडिया पर काफी वायरल हुई थी. इसके बाद दोनों ने 2012 में शादी कर ली. नवीन AAP के हरियाणा प्रदेश अध्यक्ष रह चुके हैं और AAP की तरफ से 2019 में हरियाणा विधानसभा चुनाव में भी उतरे थे.

स्वाति ने महिला अपराधों के खिलाफ सख्त कानून बनाए जाने की मांग करते हुए भूख हड़ताल शुरू की थी. इस पर नवीन जयहिंद ने ट्वीट कर लिखा था-

“स्वाति शेरनी है मुर्दा नहीं मर्दानी है. सोये हुए लोगों को जगाया जाता है पर मुर्दों को जगाने चली है मुर्दे कभी जागते नहीं हैं. इस जंगल मे जंग जिंदा रहके लड़ी जाती है मरके तो जंग नहीं लड़ी जा सकती. रेपिस्टों को फांसी के लिए 13 दिन से अनशन पर है. मर भी जाएगी तो 13 दिन भी याद नही रखेंगे लोग.”

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