मानहानि मामले में केजरीवाल को अदालत का फरमान, ’16 तारीख को पेश हों’

बीजेपी नेता के मुताबिक, 'केजरीवाल और अन्य तीन आरोपियों ने बीजेपी की छवि खराब करने के मकसद से दिल्ली में वोटर लिस्ट से छेड़छाड़ कर एक खास समुदाय के वोटरों का नाम हटाने का झूठा आरोप लगाया था.'
मानहानि, मानहानि मामले में केजरीवाल को अदालत का फरमान, ’16 तारीख को पेश हों’

नई दिल्ली: मानहानि के एक मामले में दिल्ली की अदालत ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री केजरीवाल को कोर्ट में पेश होने के लिए कहा है. केजरीवाल को 16 जुलाई को अदालत में पेश होना है. दरअसल बीजेपी नेता राजीव बब्बर ने केजरीवाल के वोटर लिस्ट के साथ छेड़छाड़ वाले आरोप के खिलाफ मानहानि का मामला दर्ज किया था.

शुक्रवार को इस मामले की सुनवाई के दौरान केजरीवाल अदालत में पेश नहीं हुए थे. हालांकि फिर भी आम आदमी पार्टी के तीन वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी के चलते कोर्ट ने केजरीवाल को जमानत दे दी. अदालत में केजरीवाल की जगह आम आदमी पार्टी के राज्य सभा सांसद सुशील गुप्ता, विधायक मनोज कुमार और पार्टी प्रवक्ता आतिशी पहुंची थीं. इनका नाम भी शिकायत में दर्ज था.

कोर्ट ने इन तीनों को भी 10 हजार रुपए प्रति व्यक्ति बॉन्ड भरने का आदेश दिया. मालूम हो कि बब्बर ने इन चारों नेताओं पर वोटर लिस्ट से छेड़छाड़ करने का झूठा आरोप लगाकर बीजेपी की छवि को नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाते हुए मानहानि का मामला दर्ज किया था.

बब्बर के मुताबिक, ‘सभी आरोपियों ने बीजेपी की छवि खराब करने के मकसद से दिल्ली में वोटर लिस्ट से छेड़छाड़ कर एक खास समुदाय के वोटरों का नाम हटाने का झूठा आरोप लगाया था. बीजेपी नेता का कहना है कि यह केजरीवाल की सस्ती और छोटी राजनीति के तहत किया गया था.

30 अप्रैल को दिल्ली की अदालत ने केजरीवा और अन्य तीन नेताओं को 7 जून तक कोर्ट में पेश होने का आदेश दिया था. कोर्ट ने ऐसा इसलिए किया क्योंकि इनके वकील मोहम्मद इरशाद ने कहा था कि पार्टी दिल्ली और हरियाणा में राजनीतिक कार्यक्रमों में व्यस्त हैं.

ये भी पढ़ें: आंध्र के CM जगन के मंत्रिमंडल में होंगे 5 उप मुख्यमंत्री, सब अलग-अलग समुदायों के

Related Posts