दिल्ली की अदालत ने महिला आयोग को दिया आदेश, उन्नाव रेप पीड़िता को मुहैया कराएं घर

पीड़िता के वकील ने इन कैमरा कार्यवाही के दौरान कोर्ट को बताया कि मकान मालिक अपने परिसर को कम समय के लिए किराए पर देने के लिए तैयार नहीं हैं.

दिल्ली की एक अदालत ने उन्नाव बलात्कार पीड़िता को निवास प्रदान करने के लिए दिल्ली महिला आयोग (DCW) को आदेश दिया है. अदालत ने DCW अध्यक्ष स्वाति मालीवाल को उन्नाव बलात्कार पीड़िता के पुनर्वास के उपायों की देखरेख करने का निर्देश दिया.

स्वाति मालीवाल ने कहा, “हम पीड़िता के आवास और पुनर्वास के लिए दिशा-निर्देशों के लिए माननीय अदालत के आभारी हैं. हम कल ही अपनी टीम को उन्नाव की पीड़िता और उसके परिवार के लिए एक आवास की व्यवस्था करने के लिए नियुक्त करेंगे. आयोग भी पीड़िता के मन मुताबिक उसके पुनर्वास को सुनिश्चित करने के लिए काम शुरू कर देगा. वह एक बहादुर लड़की है और आयोग की कोशिश होगी कि वह उसकी मदद करने की हर संभव कोशिश करे”

पीड़िता के वकील ने इन कैमरा कार्यवाही के दौरान कोर्ट को बताया कि मकान मालिक अपने परिसर को कम समय के लिए किराए पर देने के लिए तैयार नहीं हैं. ऐसे में जज धर्मेश शर्मा ने दिल्ली महिला आयोग को पीड़िता के लिए आवास सुनिश्चित करने का निर्देश दिया.

अदालत ने दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष को परिवार की आवासीय आवश्यकताओं का आकलन करने के लिए दो काउंसलर की एक टीम को नामित करने और कम से कम 11 महीने के लिए दिल्ली में किराए पर या किसी भी सरकारी आवास में उचित दर पर उपयुक्त स्थान प्रदान करने में सहायता करने के लिए कहा.

शनिवार की कार्यवाही के दौरान, पीड़िता के वकील ने कहा कि कुछ घरों को उन्होंने देखा था, लेकिन जिन मकान मालिकों से संपर्क किया, उनमें से कोई भी पीड़िता के परिवार को घर किराए पर देने के लिए तैयार नहीं था. कोर्ट ने DCW को परिवार में बच्चों के पुनर्वास उपायों की देखरेख करने और दिल्ली में उनकी पसंद के अनुसार उनकी आगे की शिक्षा और कौशल विकास सुनिश्चित करने का भी निर्देश दिया.

मालूम हो कि उन्नाव बलात्कार पीड़िता का भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) से निष्कासित कर दिए गए विधायक कुलदीप सिंह सेंगर ने साल 2007 में कथित बलात्कार किया था.

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