दिल्ली महिला आयोग ने पकड़ा ऑनलाइन सेक्स रैकेट, 3 लोग गिरफ्तार

दिल्ली महिला आयोग ने इस रैकेट में फंसी 15 साल की एक लड़की और 30 साल की एक महिला को बचाया.

नई दिल्ली: दिल्ली महिला आयोग ने नंद नगरी में एक ऑनलाइन सेक्स रैकेट का भंडाफोड़ किया है. इसमें 15 साल की एक लड़की और 30 साल की एक महिला को बचाया है.

दिल्ली महिला आयोग ने की मदद

दिल्ली महिला आयोग की 181 महिला हेल्पलाइन पर 14 अगस्त को एक महिला का फोन आया जिसने बताया कि उसकी 20 वर्षीय बेटी कृष्णा नगर से लापता है. दिल्ली महिला आयोग की एक टीम ने तब लड़की की गुमशुदगी की रिपोर्ट थाने में दर्ज कराने में महिला की मदद की.

फ़ॉलोअप करने लड़की के घर गयी टीम

कल जब आयोग की एक टीम मामले का फ़ॉलो अप करने लड़की के घर गयी, तो लापता लड़की की बहन ने बताया कि लड़की की एक दोस्त उसके साथ काम करती थी, और वह उसके बारे में कुछ बता सकती है. उन्होंने बताया कि वह दोस्त परिवार को लापता लड़की के बारे में कोई भी जानकारी देने से इनकार कर रही है.

ऐसे चला पता

दिल्ली महिला आयोग की टीम तुरंत जाकर लापता लड़की की दोस्त से मिली, जो केवल 16 साल की थी. काउंसलिंग करने पर उसने टीम को बताया कि नंद नगरी में एक ऑनलाइन सेक्स रैकेट चल रहा है, जहाँ 15 से 20 लड़कियों को जबरदस्ती वेश्यावृत्ति के लिए मजबूर किया जा रहा है.

इस तरह चल रहा था रैकेट

उसने बताया कि वह 15-20 दिनों के लिए वहां थी और वहां पर उससे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म IMO पर रात 10 से सुबह 6 बजे के बीच न्यूड वीडियो कॉल करवाई जाती थी. उसने बताया कि 20 साल की लड़की ने उसे इस रैकेट में शामिल करवाया था क्योंकि वह वहां से तभी निकल सकती थी जब वह अपनी जगह किसी दूसरी लड़की को लगाती.

मगर वह 16 वर्षीय लड़की किसी तरह वहाँ से बच निकलने में सफल हुई. 16 वर्षीय लड़की ने शुरू में तो इस मामले में शिकायत देने से मना कर दिया, लेकिन वह दिल्ली महिला आयोग की टीम को उस स्थान पर ले जाने के लिए सहमत हो गई जहां अवैध गतिविधियां होती थीं.

पुलिस की ली मदद

आयोग की टीम जगह का सत्यापन करने के लिए रात में 9:30 टीम मौके पर पहुंची. आयोग की टीम ने गवाह लड़की को वहां पर छोड़ा और 100 पर फ़ोन करके पुलिस को बुलाया और उनकी मदद से अंदर प्रवेश किया.

छत पर छिपा दिया

दिल्ली महिला आयोग की टीम ने छत पर एक 15 वर्षीय और 30 वर्षीय लड़की को छिपा हुआ पाया. उन्होंने बताया कि उन्हें न्यूड वीडियो कॉल करने के लिए मजबूर किया जा रहा था. वे उस रात भी यह काम कर रहे थे, मगर जब दिल्ली महिला आयोग की टीम वहां पर पहुंची, तभी मालिक ने उनको कपड़े पहनाकर छत पर छिपा दिया.

लालच देकर यहां धकेल दिया

मालिक, उसके भाई और उसकी पत्नी को पुलिस ने मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया. 15 साल की लड़की ने बताया कि उसके पिता एक स्ट्रीट वेंडर हैं और उसे एक दोस्त ने नौकरी देने का लालच देकर यहां धकेल दिया था.

उसे बताया गया कि यह एक टाइपिंग का काम है और उसे अच्छी रकम मिलेगी जिससे वह अपने पिता की सहायता कर सकती है. हालांकि, उसे नौकरी देने के बजाय उसे इस साल फरवरी से सेक्स रैकेट में शामिल होने के लिए मजबूर किया गया.

कॉल अटेंड करने के लिए मजबूर किया जाता था

30 वर्षीय लड़की पिछले 20 दिनों से इस रैकेट में शामिल थी. उन्हें हर रात 20 से 25 लोगों के कॉल अटेंड करने के लिए मजबूर किया जाता था और उनमें से कई अंतरराष्ट्रीय कॉल थे.

पुलिस ने मौके से जब्त किया सामान

हालांकि 20 वर्षीय लड़की वहां पर नहीं मिल पाई. दिल्ली महिला आयोग की टीम मौके पर कई फोन, सिम कार्ड, आधार कार्ड, सेक्स टॉय, मेमोरी कार्ड, पासपोर्ट और अंतः वस्त्र का ढेर देखकर हैरान रह गई. यह सारा सामान पुलिस ने जब्त कर लिया है.

एफआईआर दर्ज

लड़कियों को पुलिस स्टेशन ले जाया गया और मामले में एफआईआर दर्ज की गई. इस मामले में त्वरित कार्रवाई को देखते हुए 16 वर्षीय लड़की (जिसने पहले शिकायत दर्ज करने से इनकार कर दिया था) भी शिकायत दर्ज करने तैयार हो गयी. दिल्ली पुलिस ने इस मामले में एफआईआर दर्ज कर ली है.

वहीं इसी मामले में दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष स्वाति मालीवाल ने ट्वीट किया है. उन्होंने बताया कि इस मामले में 3 लोगों को अरेस्ट किया है.