केंद्र सरकार के Unlock के फैसले को चुनौती देने वाले याचिकाकर्ता पर दिल्ली हाई कोर्ट ने लगाया जुर्माना

कोर्ट ने आगे कहा कि याचिकाकर्ता ने न्यायालय का कीमती वक्त बर्बाद किया है, इसलिए कोर्ट याचिकाकर्ता पर 20 हजार रुपए का जुर्माना लगाते हुए याचिका को खारिज करती है.
, केंद्र सरकार के Unlock के फैसले को चुनौती देने वाले याचिकाकर्ता पर दिल्ली हाई कोर्ट ने लगाया जुर्माना

दिल्ली हाई कोर्ट ने केंद्र सरकार के लॉकडाउन (Lockdown) को खोलने और अनलॉक (Unlock) करने के फैसले के खिलाफ दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए याचिकाकर्ता को फटकार लगाते हुए उसपर 20,000 रुपए का जुर्माना लगाया है. BA LL.B के फाइनल ईयर के छात्र ने याचिका दाखिल कर केंद्र सरकार के 30 म‌ई के फैसले को चुनौती देते हुए कहा था कि सरकार का ये फैसला जल्दबाजी में उठाया गया कदम है. लॉकडाउन हट जाने से कोरोना के मामले तेजी से बढ़ेंगे.

जस्टिस सुब्रमणियम प्रसाद और जस्टिस हिमा कोहली की बेंच ने मामले पर सुनवाई करते हुए कि देशभर में लॉकडाउन को स्थिति अनुसार चरणबद्ध तरीके से खोला गया है, इससे नहीं लगता कि केंद्र सरकार ने यह फैसला किसी तरह की जल्दबाजी में लिया हो.

देखिए NewsTop9 टीवी 9 भारतवर्ष पर रोज सुबह शाम 7 बजे

हाई कोर्ट ने कहा कि लॉकडाउन को खोलने का केंद्र का फैसला जल्दबाजी में नहीं बल्कि यह फैसला इस आधार पर लिया गया है कि कोरोना संक्रमण से लोगों का लोगों पर असर भी कम हो और लॉकडाउन के वजह से पैदा हुई रोजगार की समस्या से कोई भुखमरी का शिकार भी न बने.

कोर्ट ने कहा कि याचिकाकर्ता ने जनहित याचिका के प्रावधान का गलत इस्तेमाल किया है, याचिका दायर करने से पहले याचिकाकर्ता ने पहले से निर्णित फैसलों को पढ़ने की जहमत भी नहीं उठाई. ये याचिका जनहित के लिए नहीं बल्कि प्रसिद्धि हासिल करने के लिए दाखिल की गई याचिका थी.

कोर्ट ने आगे कहा कि याचिकाकर्ता ने न्यायालय का कीमती वक्त बर्बाद किया है, इसलिए कोर्ट याचिकाकर्ता पर 20 हजार रुपए का जुर्माना लगाते हुए याचिका को खारिज करती है. जुर्माने की राशि 2 सप्ताह के भीतर दिल्ली हाई कोर्ट बार एसोसिएशन के लॉयर सिक्योरिटी वेलफेयर एंड फंड में जमा करने का आदेश दिया है. जुर्माने की रसीद हाई कोर्ट रजिस्ट्री में जमा करवानी होगी.

Related Posts