प्रोडक्ट्स की कंट्री डिटेल्स की मांग वाली याचिका दिल्ली हाई कोर्ट में दाखिल, अदालत ने केंद्र को दिया नोटिस

याचिका में कहा गया था कि भारत में बने प्रोडक्ट्स की बिक्री को बढ़ाने के लिए ई कॉमर्स वेबसाइट अपनी साइट पर प्रोडक्ट्स के बारे में पूरी जानकारी प्रदर्शित करें कि प्रोडक्ट किस देश का है और उसका निर्माण कहां हुआ है.
India China tension, प्रोडक्ट्स की कंट्री डिटेल्स की मांग वाली याचिका दिल्ली हाई कोर्ट में दाखिल, अदालत ने केंद्र को दिया नोटिस

ई कॉमर्स वेबसाइट्स पर बिकने वाले सामान पर निर्माता देश का नाम प्रदर्शित अनिवार्य करने की मांग को लेकर दिल्ली हाई कोर्ट ने जनहित याचिका पर सुनवाई की और केंद्र सरकार और वेबसाइट्स को नोटिस जारी किया. दिल्ली हाई कोर्ट ने मिनिस्ट्री ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री समेत ई कॉमर्स प्लेटफार्म जैसे की अमोजोंन, फ्लिपकार्ट, स्नैपडील को नोटिस जारी किया है.

दरअसल, दिल्ली हाई कोर्ट में एक जनहित याचिका दाखिल कर मांग की गई थी कि कोर्ट केंद्र सरकार को आदेश दे कि ई-कॉमर्स वेबसाइटों के माध्यम से बेचे जा रहे सामान और उत्पादों पर निर्माता देश का नाम लिखा और प्रदर्शित किया जाना सुनिश्चित करें, साथ ही कानूनी मेट्रोलॉजी अधिनियम, 2009 का अनुपालन किया जाए.

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याचिका में कहा गया था कि भारत में बने प्रोडक्ट्स की बिक्री को बढ़ाने के लिए ई कॉमर्स वेबसाइट अपनी साइट पर प्रोडक्ट्स के बारे में पूरी जानकारी प्रदर्शित करें कि प्रोडक्ट किस देश का है और उसका निर्माण कहां हुआ है. याचिकाकर्ता का तर्क था कि इससे भारत में बने उत्पादों की मांग और बिक्री बढ़ेगी. याचिका पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने ई कॉमर्स वेबसाइट और मिनिस्ट्री ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है.

याचिकाकर्ता अमित शुक्ला ने सुनवाई के दौरान कोर्ट से कहा कि बॉर्डर पर भारत और चीन की सेना आमने-सामने है, चीन देश की सुरक्षा के लिए बड़ा ख़तरा बना हुआ है, ऐसे में देश को आर्थिक तौर पर मजबूत बनाने के लिए जरूरी है कि देश में निर्मित उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए उचित कदम उठाए जाएं. इसके लिए ई कॉमर्स वेबसाइट्स अपने प्लेटफार्म पर बेचे जा रहे प्रोडक्ट्स की पूरी जानकारी दें, ताकि खरीददारों को पता चल सके की वो किस देश का है.

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