केंद्रीय मंत्री हर्षवर्धन के खिलाफ दायर याचिका पर हाई कोर्ट का फैसला सुरक्षित, जानें पूरा मामला

याचिका में आरोप है कि केंद्रीय मंत्री हर्षवर्धन ने अपनी पत्नी द्वारा द्वारका में खरीदे गए आवासीय अपार्टमेंट की कीमत को लेकर चुनावी हलफनामे में गलत जानकारी दी थी.

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन के खिलाफ चुनावी हलफनामे को लेकर दायर याचिका पर दिल्ली हाइकोर्ट में फाइनल आरग्यूमेंट हुआ. कोर्ट ने इस मामले में फैसला सुरक्षित रख लिया है.

इससे पहले मामले की सुनवाई के दौरान मंत्री हर्षवर्धन के वकील ने कहा था कि यह याचिका सुनवाई योग्य नही है. लिहाजा याचिका को खारिज कर देना चाहिए. याचिकाकर्ता ने जवाब दाखिल करने के लिए कोर्ट से समय मांगा था. जिसके बाद कोर्ट ने 22 अक्टूबर तक का समय दे दिया था.

दरसल, याचिकाकर्ता ने आरोप लगाया था कि चुनावी हलफनामे में हर्षवर्धन ने अपनी पत्नी की आय के स्रोत का जिक्र नहीं किया है. जबकि चुनाव आयोग के नियम और सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार प्रत्याशियों को अपनी पत्नी और आश्रितों के आय का स्रोत बताना होता है.

याचिका में आरोप है कि केंद्रीय मंत्री हर्षवर्धन ने अपनी पत्नी द्वारा द्वारका में खरीदे गए आवासीय अपार्टमेंट की कीमत को लेकर चुनावी हलफनामे में गलत जानकारी दी थी.

याचिका में कहा गया है कि डॉ हर्षवर्धन की पत्नी ने 2014 में एक फ्लैट खरीदी थी. जिसकी कीमत चुनावी हलफनामा में 62 लाख 50 हज़ार रुपये बताई गई. जबकि 2019 के एफिडेविट में डॉ हर्षवर्धन ने उसी फ्लैट की कीमत 70 लाख से ज्यादा की बताई है. साथ ही 2014 में जो फ्लैट खरीदा उसका पैसा कहा से आया इसकी जानकारी हलफनामा में नही दी है.

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