दिल्ली हिंसा: ‘दाहिनी जेब में था देसी कट्टा’, विधानसभा समिति ने ‘एक जैसी FIRs’ को लेकर उठाए सवाल

ये FIRs 27 फरवरी को आर्म्स एक्ट 1959 के तहत दयालपुर पुलिस स्टेशन (Dayalpur Police Station) में दर्ज की गई थीं. इन युवकों को कथित तौर पर दोपहर 3 बजे से लेकर रात 9.25 बजे के बीच उत्तर-पूर्व दिल्ली के अलग-अलग इलाकों से गिरफ्तार किया गया था.

Delhi riots
केस में अथर खान का भी नाम है

दिल्ली गृह विभाग (Delhi Home Department) ने दिल्ली दंगों (Delhi Riots) से जुड़े मामले में दर्ज पांच ‘एक जैसी एफआईआर’ को लेकर पुलिस कमिश्नर (Police Commissioner) को पत्र लिखने का फैसला किया है. ये FIRs दिल्ली दंगे को लेकर पांच अलग-अलग मामलों में पांच युवाओं के खिलाफ दर्ज हैं. इनमें फैज अहमद (30), अतहर (23), सोहिब (22), शाहरुख (22) और फैजान (28) के नाम शामिल हैं.

इन एफआईआर में कांस्टेबलों, युवाओं, स्थान और गिरफ्तारी के समय के अलावा जो समान बातें हैं वो इस प्रकार हैं: मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों को ये संदिग्ध लग रहे थे. ये पीछे मुड़े और तेजी से चलकर वहां से जाने लगे. जब पुलिस ने पकड़ा तो उनके ट्राउजर की दाहिनी जेब में लोडेड देशी कट्टे मिले.

24 से 26 फरवरी के बीच भड़के थे दंगे

ये FIRs 27 फरवरी को आर्म्स एक्ट 1959 के तहत दयालपुर पुलिस स्टेशन में दर्ज की गई थीं. इन युवकों को कथित तौर पर दोपहर 3 बजे से लेकर रात 9.25 बजे के बीच उत्तर-पूर्व दिल्ली के अलग-अलग इलाकों से गिरफ्तार किया गया था. मालूम हो कि राष्ट्रीय राजधानी में 24 से 26 फरवरी के बीच दंगे भड़के थे.

‘एक जैसी एफआईआर’ को लेकर बुधवार को दिल्ली विधानसभा की अल्पसंख्यकों के कल्याण की समिति ने कई सारे सवाल खड़े किए. यह समिति दंगों से संबंधित मामलों की सुनवाई कर रही है. इस मुद्दे को प्रमुख सचिव (सतर्कता) राजीव वर्मा के संज्ञान में भी लाया गया, जोकि प्रमुख सचिव (गृह) बीएस भल्ला की जगह बैठक में आए थे.

फैजान की मौत मामले की जांच का स्टेटस

साथ ही समिति ने वर्मा को इस बात का भी निर्देश दिया कि 24 वर्षीय फैजान की मौत मामले की जांच का स्टेटस पुलिस कमिश्नर से पूछा जाए. दंगों के दौरान फैजान और दो अन्य लोगों से कथित तौर पर कुछ पुलिसकर्मियों ने राष्ट्र गान और राष्ट्र गीत गाने का दबाव डाला था. फैजान की मौत मामले में अबतक एक पुलिसकर्मी से पूछताछ हो चुकी है.

रिपोर्ट के मुताबिक, मुख्य सचिव (सतर्कता) राजीव वर्मा ने मीटिंग में बताया कि मैं यहां उठाए गए मुद्दों को लेकर पुलिस कमिश्नर को लिखूंगा. हालांकि हम पुलिस जांच में हस्तक्षेप नहीं कर सकते हैं.

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