दिल्ली-NCR में आज ट्रांसपोर्टर्स की हड़ताल, बाहर निकलते समय इन आठ बातों का रखें ध्यान

यूनाइटेड फ्रंट ऑफ ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन के बैनर तले केंद्र और राज्य सरकार के खिलाफ इस हड़ताल का आयोजन हो रहा है.

यूनाइटेड फ्रंट ऑफ ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन की ओर से गुरुवार को नए मोटर व्हीकल एक्ट के विरोध में हड़ताल बुलाई गई है. इसमें 50 से अधिक संगठन हिस्सा ले रहे हैं. यातायात नियम तोड़ने पर नए नियम के तहत बढ़ाई गई जुर्माना की राशि के विरोध में यह हड़ताल हो रही है.

दिल्ली-एनसीआर की 51 ट्रांसपॉर्ट यूनियन के हड़ताल और चक्का जाम में शामिल होने का दावा किया जा रहा है. अगर ऐसा हुआ तो इसका असर रेलवे स्टेशन से लेकर एयरपोर्ट तक देखने को मिल सकता है. ऑफिस और स्कूल का सफर भी मुश्किलों से भरा हो सकता है. चलिए इन 10 बिन्दुओं से समझते हैं हड़ताल की सारी जरूरी बातें.

1. गुरुवार को सभी व्यावसायिक वाहन चालक चक्का जाम करेंगे. इसलिए अगर आप आने-जाने के लिए ऑटो-टैक्सी का इस्तेमाल करते हैं तो आपको मुश्किलों का सामना करना होगा.

2. यह हड़ताल बढ़ी जुर्माना राशि के अलावा बीमा कंपनियों द्वारा दुर्घटना मुआवजे के लिए तीसरे पक्ष के दायित्व को तय करना, वाहन चालकों के परिवार वालों को बीमा सुरक्षा मुहैया कराने, नगर निगम द्वारा टोल टैक्स लेने सहित कई दूसरे मुद्दे को लेकर हो रही है.

3. कॉन्ट्रैक्ट कैरिज की हजारों बसों के साथ ही ऑटो-टैक्सी और मिनी बसों की प्रमुख यूनियन भी हड़ताल पर हैं. आजादपुर फल और सब्जी मंडी पर भी हड़ताल का असर देखने को मिलेगा.

4. एसटीए ऑपरेटर एकता मंच के अध्यक्ष सुरिंदर पाल सिंह और महासचिव श्यामलाल गोला का कहना है कि कॉन्ट्रैक्ट कैरिज की 25 हजार बसों में से करीब 7 हजार बसें दिल्ली-एनसीआर के प्राइवेट स्कूलों में चलती हैं और कई प्राइवेट स्कूलों ने ट्रांसपोर्टर्स की हड़ताल के चलते अपने स्कूलों में छुट्टी का ऐलान कर दिया है.

5. यूनाइटेड फ्रंट ऑफ ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन के बैनर तले केंद्र और राज्य सरकार के खिलाफ इस हड़ताल का आयोजन हो रहा है. ऑटो-टैक्सी की यूनियनें भी हड़ताल के समर्थन में हैं. ऐसे में मेट्रो और बसों में भीड़ बढ़ सकती है. ऐसे में आपको इसके लिए तैयार रहना होगा.

6. दिल्ली ऑटो रिक्शा संघ के महामंत्री राजेंद्र सोनी और ऑल दिल्ली ऑटो टैक्सी ट्रांसपोर्ट कांग्रेस यूनियन के अध्यक्ष किशन वर्मा का कहना है कि दिल्ली में सभी रेलवे स्टेशनों की ऑटो-टैक्सी यूनियन और एयरपोर्ट की यूनियन भी इस हड़ताल में शामिल होंगी.

7. किशन वर्मा ने कहा कि स्कूल कैब असोसिएशन से भी गुरुवार को स्कूल वैन नहीं चलाने की अपील की गई है. साथ ही टूरिस्ट टैक्सी के भी हड़ताल में शामिल होने की बात कही जा रही है. एयरपोर्ट पर भी लोगों को काली-पीली टैक्सी और कैब मिलने में परेशानी हो सकती है.

8. ड्राइवर्स का कहना है कि ऑटो-टैक्सी चलाने वालों के 20 से 30 हजार रुपये तक के जुर्माने हो रहे हैं और ऐसे में वे अपना घर कहां चला पाएंगे. उनका कहना है कि विभिन्न कंपनियों में चलने वाली ओला-उबर टैक्सियों के ड्राइवर भी हड़ताल को अपना समर्थन देंगे, क्योंकि बढ़े हुए जुर्माने से सभी परेशान हैं.

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