डेथ वारंट पर रोक के बाद बोले निर्भया के पिता, ‘केजरीवाल की वजह से हो रही फांसी में देरी’

निर्भया के पिता ने कहा,' ये हमें मंजूर नहीं हुआ, हमें बिल्कुल अच्छा नहीं लगा. वो हमें 14 दिन की जगह एक महीने का टाइम भी दे दिए होते तो फर्क नहीं पड़ता लेकिन उन्होंने पोस्टपोन कर दिया'.
Nirbhaya Gangrape Case, डेथ वारंट पर रोक के बाद बोले निर्भया के पिता, ‘केजरीवाल की वजह से हो रही फांसी में देरी’

नई दिल्ली: निर्भया के दोषियों फांसी पर लटकाने की तय तारीख टल गई है, अब उन्हें 1 फरवरी को फांसी नहीं दी जाएगी. दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने निर्भया के दोषियों की फांसी की सजा पर डेथ वारंट को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया है. कोर्ट का फैसला सुन निर्भया के माता-पिता दोनों को गहरा सदमा पहुंचा. पिता ने इसके लिए दिल्ली के सीएम केजरीवाल को दोषी ठहराया.

निर्भया के पिता बद्रीनाथ सिंह का गुस्सा दिल्ली सरकार पर फूट पड़ा. उन्होंने कहा कि केजरीवाल की वजह से चारों दोषियों की फांसी पर देरी हो रही है. उनके पिता ने कहा, ये हमें मंजूर नहीं हुआ, हमें बिल्कुल अच्छा नहीं लगा. वो हमें 14 दिन की जगह एक महीने का टाइम भी दे दिए होते तो फर्क नहीं पड़ता लेकिन उन्होंने पोस्टपोन कर दिया. अब पता नहीं कब तक पोस्टपोन रहेगा. इसका मतलब है कि केजरीवाल ने ये सब किया. जेल अथॉरिटी दिल्ली सरकार के अंतर्गत है और वहीं से सब रुका हुआ है.

गुस्से से तमतमाए निर्भया के पिता ने कहा कि इसके लिए केजरीवाल जिम्मेदार हैं. पूरा सिस्टम केजरीवाल के अंडर पर है. दिल्ली में केजरीवाल की सरकार है. उन्होंने कहा कि चार घंटे बैठाने का क्या मतलब है. जब फैसला यहीं देना था कि मामला पोस्टपोन हो गया तो फिर इतनी देर क्यों लगाई गई. वहां से सलाह मशविरा हुआ है चार घंटे केजरीवाल के साथ तब जाकर ये फैसला हुआ है. चारों आरोपी बचने के लिए कानूनी सहारे से ज्यादा केजरीवाल से सहारा ले रहे हैं.

वहीं निर्भया की मां ने कहा, ‘इनका हक है कि ये फांसी की डेट को बार-बार पोस्टपोन करवा रहे हैं और मेरे को चैलेंज कर के गया कि फांसी नहीं हो सकती…मुझे कोई उम्मीद नहीं थी कि कोई चमत्कार होगा, लेकिन मैंने सुबह भी कहा था कि जब तक डेथ वारंट जारी है. मैं लडूंगी…सरकार को उनको फांसी देना होगा और नहीं तो लोअर कोर्ट से लेकर सुप्रीम कोर्ट सबको सरेंडर करना होगा कि हमने फांसी की सजा लोगों को गुमराह करने के लिए दिया था. हो सकता है सरकार का मन बदल गया हो कि उनको फांसी नहीं दी जाएगी…’

इससे पहले शुक्रवार को निर्भया गैंगरेप के दोषियों की याचिका पर पटियाला हाउस कोर्ट में सुनवाई हुई. इस याचिका में चार दोषियों में से तीन ने अपनी फांसी पर रोक लागाने की मांग की गई.

कोर्ट में सुनवाई के दौरान तीनों दोषियों के वकील ने दलील दी कि जेल मैनुअल यही कहता है कि अगर किसी एक दोषी की भी याचिका लंबित हो तो बाकी को फांसी नहीं दी जा सकती है. दरअसल दोषी विनय शर्मा ने राष्ट्रपति के पास दया याचिका लगाई हुई है. जिस पर अभी फैसला आना बाकी है.

फांसी को अनिश्चित काल के लिए टालने की मांग
विनय शर्मा के वकील एपी सिंह ने मांग की थी कि जब तक विनय शर्मा की याचिका पर फैसला नहीं आ जाता है. तब तक इन सभी की फांसी को अनिश्चित काल के लिए टाल दिया जाना चाहिए.

वृंदा ग्रोवर के पैरवी करने पर उठे सवाल
वृंदा ग्रोवर कोर्ट में दोषी मुकेश की तरफ से पेश हुईं. ग्रोवर के पैरवी करने पर सरकारी वकील इरफान ने आपत्ति जताई, उन्होंने कहा कि वो डेथ वारंट जारी होने तक दोषी मुकेश की अमाइकस क्यूरी थीं. उसके सभी विकल्प खत्म हो चुके हैं. याचिका बाकी तीन की तरफ से आई है. ग्रोवर का कोई लोकस ही नहीं बनता.

दोषी मुकेश ने अलग से लगाई एप्लीकेशन
वृंदा ग्रोवर ने सुप्रीम कोर्ट का जिक्र करते हुए कहा कि सभी दोषियों को अलग-अलग कर फांसी नहीं दी जा सकती है. सुप्रीम कोर्ट ने एक ऐसे ही मामले पर नाराजगी भी जताई थी. दरअसल वृंदा ग्रोवर ने मुकेश की तरफ से एक अलग एप्लिकेशन लगाकर 1 फरवरी के डेथ वारंट पर रोक लगाने की मांग की थी.

वहीं निर्भया के माता-पिता कि तरफ से वकील सीमा कुशवाहा ने कहा कि बचाव पक्ष को कानूनी विकल्प और उपचारों का इस्तेमाल करने का पूरा समय और मौका मिला, लेकिन वो देरी करने के लिए लगातार न‌ए-न‌ए तरीके अपनाते रहे. इसलिए हम कोर्ट से गुजारिश करते हैं कि विनय के अलावा बाकी तीनों को फांसी दे दी जाए.

सभी पक्षों की दलील सुनने के बाद जज धर्मेंद्र राणा ने फैसला सुरक्षित रखते हुए कहा कि सभी कोर्ट में मौजूद रहें, चाहे जितना समय लग जाए. ऑर्डर आज ही दिया जाएगा.

Nirbhaya Case: पटियाला हाउस कोर्ट ने डेथ वारंट पर लगाई रोक, अगले आदेश तक नहीं दी जाएगी फांसी

 

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