घर में घुसकर गोलियों से छलनी कर दिया था महिला को, 9 महीने बाद गिरफ्त में आया आरोपी

जगदीप ने कमलेश की हत्या की प्लानिंग की और तीन नाबालिग लड़कों के साथ 10 दिसम्बर 2018 को द्वारका इलाके में कमलेश घर में घुसकर उसके ऊपर तबातोड़ फायरिंग कर दी थी.

दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने नौ महीने पुराने एक महिला के ब्लाइंड मर्डर केस के मुख्य अभियुक्त को गिफ्तार किया है. ये आरोपी दिल्ली पुलिस के लिए चुनौती बना हुआ था. दिल्ली पुलिस ने जगदीप उर्फ सोनू नाम के इस आरोपी के ऊपर 50 हजार रुपए का ईनाम भी रखा था.

जगदीप दिल्ली में घोषित अपराधी था, इसके ऊपर पहले भी हत्या, हत्या कर प्रयास और आर्म्स एक्ट के नौ मुकदमे दर्ज है. दरअसल, जगदीप के भाई संदीप उर्फ मेंटल की पिछले साल दो मई को नजफगढ़ इलाके में हत्या कर दी गई थी. उसकी हत्या में मोनू ईशापुर, अक्षय डागर और अर्जुन नाम के युवकों का नाम सामने आया था. लेकिन जगदीप और उसके परिवार को संदीप की हत्या में कमलेश नाम की महिला का हाथ लग रहा था. कमलेश का संबंध संदीप की हत्या करने वाले एक अभियुक्त मोनू ईशापुर के साथ थे वो उसके साथ लिव-इन-रिलेशनशिप में रहती थी.

जगदीप ने कमलेश की हत्या की प्लानिंग की और तीन नाबालिग लड़कों के साथ 10 दिसम्बर 2018 को द्वारका इलाके में कमलेश घर में घुसकर उसके ऊपर तबातोड़ फायरिंग कर दी थी. जिसमे कमलेश को छह गोली लगी थीं और उसके मौके पर ही मौत हो गई थी. इस हत्या के बाद पुलिस ने हत्या में जगदीप का साथ देने वाले तीन नाबालिग लड़कों को पकड़ लिया था लेकिन जगदीप तब से फरार चल रहा था.

ये केस दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल को ट्रांसफर हुआ था जिसके बाद से लगातार पुलिस इस आरोपी की खोज में थी. पुलिस को पिछले दिनों इनपुट मिला था कि जगदीप अपने किस साथी से मिलने द्वारका सेक्टर छह के इलाके में आ रहा है पुलिस ट्रैप लगाकर उसको वहां से गिरफ्तार कर लिया. पुलिस को देख इसने पुलिस के ऊपर फायरिंग करने की कोशिश की थी लेकिन पुलिस ने वक्त रहते इसे दबोच लिया था.

पुलिस को जगदीप ने पूछताछ में बताया कि वो कमलेश की हत्या करने बाद हरियाणा और मुम्बई में छिपा हुआ था और उसके पास जब पैसे खत्म हो गए थे, उसके बाद वो अपने साथी से पैसे लेने दिल्ली आया था जहां पुलिस ने उसको दबोच लिया. इसके पकड़े जाने से पुलिस ने दिल्ली में हत्या और हत्या के प्रयास के क़रीब 9 मामले सुलझा लिए है.