GB रोड के कोठा नंबर 68 पर पहुंचा भाई तो सामने थी बहन, DCW ने कराया आजाद

दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्षा स्वाती मालीवाल ने कहा, “दिल्ली में जीबी रोड के कोठों के रूप में एक टाइम बम रखा हुआ है. अगर लोगों को लगता है कि यह उन पर इसका असर नहीं होगा, तो यह सच नहीं है
जीबी रोड, GB रोड के कोठा नंबर 68 पर पहुंचा भाई तो सामने थी बहन, DCW ने कराया आजाद

नई दिल्ली: दिल्ली महिला आयोग (DCW) ने दिल्ली पुलिस की मदद से जीबी रोड (GB Road) पर कोठा नंबर 68 से एक बड़ी कंपनी की एक कर्मचारी को रेस्क्यू करवाया है. दिल्ली महिला आयोग में कल आठ अगस्त को को एक 27 वर्षीय महिला के भाई ने शिकायत दर्ज करवायी.

पीड़िता के भाई ने बताया कि वह कोलकाता में रहता है और उसकी बहन रानी (नाम परिवर्तित) एक बड़ी कंपनी में काम करती थी. उसने आयोग को बताया कि उसकी बहन को कुछ समय पहले आठ जून को बेहतर नौकरी दिलाने पर एक आदमी दिल्ली लेकर आया था.

भाई ने दर्ज कराई रिपोर्ट
मगर दिल्ली पहुंचने पर उसने घर पर किसी को फोन नहीं किया और बहन का फोन भी पहुंच से बाहर हो गया. इसके बाद उसके परिवार ने कोलकाता में उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई. परिजनों ने लड़की की तलाश शुरू की लेकिन उसका पता लगाने में असमर्थ रहे.

भाई को किया गया फोन
लड़की के भाई ने बताया कि कुछ समय पहले उसे एक अज्ञात व्यक्ति का फोन आया जिसने उसे बताया कि उसकी बहन दिल्ली में जीबी रोड (GB Road) पर है. रानी का भाई तुरंत दिल्ली आया और उस आदमी से करोल बाग में मिला. वह व्यक्ति एक बंगाली था और ग्राहक के रूप में जीबी रोड (GB Road) पर गया था. लड़की ने उससे वहां से बचाने की प्रार्थना की और उसे अपने भाई का फोन नंबर दिया.

देह व्यापार में भेज दिया बहन को
उस व्यक्ति की मदद से लड़की का भाई खुद ग्राहक बनकर जीबी रोड के कोठे पर गया और वहां उसने देखा कि उसकी बहन को देह व्यापार में धकेल दिया गया है. वह किसी तरह रानी से बात करने में सफल रहा. उसने अपने भाई को बताया कि एक व्यक्ति ने उसको जीबी रोड पर बेच दिया था. लड़की ने अपने भाई से उसे वहां से रेस्क्यू करने के लिए कहा गया. रानी के भाई ने तुरंत दिल्ली महिला आयोग से संपर्क किया और पूरी घटना आयोग को बताई.

दिल्ली महिला आयोग ने किया रेस्क्यू
दिल्ली महिला आयोग की सदस्या किरण नेगी ने तुरंत एक टीम का गठन किया और उन्हें लड़की के भाई के साथ जीबी रोड भेजा. आयोग की टीम दिल्ली पुलिस के साथ कोठा नंबर 68 पर गयी, जहां से लड़की को रेस्क्यू किया गया. उसे कमला मार्केट थाने लाया गया जहां उसके बयान पर एफआईआर दर्ज की गई.

नौकरी का दिया गया झांसा
उसने बताया कि वह कोलकाता में एक बड़ी कंपनी में एक प्राइवेट नौकरी कर रही थी. कोलकाता में उसकी मुलाकात ज्योत्सना नाम की एक महिला से हुई जो उसकी दोस्त बन गयी. दो महीने पहले ज्योत्सना ने रानी को रमजान नाम के एक आदमी से मिलवाया जिसने रानी को दिल्ली में एक बेहतर नौकरी दिलवाने का भरोसा दिया.

जीबी रोड में बेंच दिया गया
इसके बाद वह रमजान के साथ दिल्ली आ गई जिसने उसे जीबी रोड (GB Road) पर बेच दिया. जीबी रोड (GB Road) पर उससे जबरन देह व्यापार करवाया जाता था. उसने बताया कि उसके साथ रोजाना 15-20 आदमी बलात्कार करते थे. एक दिन एक बंगाली बोलने वाला ग्राहक उसके पास आया, जिसको रानी ने अपनी आपबीती सुनाई.

कोठा प्रबंधक गिरफ्तार
रानी ने उसे अपने भाई का फोन नंबर दिया और उसे अपने परिवार को सूचित करने के लिए कहा. फिर उसने उसके भाई को सूचित किया जो उसे बचाने के लिए दिल्ली आया. कमला मार्केट थाने में आईपीसी की धारा 370/376/109/34 के तहत एफआईआर दर्ज कर ली गई है. इस मामले में कोठा प्रबंधक को गिरफ्तार कर लिया गया है.

दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्षा स्वाती मालीवाल ने कहा, “दिल्ली में जीबी रोड के कोठों के रूप में एक टाइम बम रखा हुआ है. अगर लोगों को लगता है कि यह उन पर इसका असर नहीं होगा, तो यह सच नहीं है! जीबी रोड पर बेची गई यह लड़की एक ग्रेजुएट लड़की है जो कि एक निजी कंपनी में काम कर रही थी. उसका दर्द भयावह है. पुलिस यह सुनिश्चित करे कि इस मामले में सभी दोषियों को गिरफ्तार किया जाए. यह समय है कि सभी एजेंसियां एक साथ आएं और जीबी रोड((GB Road) स्थित कोठों को बंद करें. वहां की महिलाओं का ठीक से पुनर्वास करने की आवश्यकता है क्योंकि वे मानव तस्करी और जघन्य अपराधों की शिकार हैं.”

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