आरोग्य सेतु एप डाउनलोड करने की शर्त के साथ दिल्ली दंगों के आरोपी को मिली जमानत

कड़कड़डूमा कोर्ट (Karkardooma Court) ने एक आरोपी सुहेल को जमानत दी है. कोर्ट ने कुछ शर्तों के साथ आरोपी को जमानत दी है, जिसमें आरोग्य सेतु एप डाउनलोड करने की भी शर्त शामिल है.
Delhi riot accused bail aarogya setu app, आरोग्य सेतु एप डाउनलोड करने की शर्त के साथ दिल्ली दंगों के आरोपी को मिली जमानत

नॉर्थ-ईस्ट दिल्ली दंगा (North-East Delhi riots) मामले में कड़कड़डूमा कोर्ट (Karkardooma Court) ने एक आरोपी सुहेल को जमानत दी है. कोर्ट ने 20 हजार रुपए के निजी मुचलके और इतनी ही कीमत की एक गारंटी पर सुहेल को जमानत दी. साथ ही आरोग्य सेतु एप (Aarogya Setu App) डाउनलोड करने की शर्त भी रखी.

सुनवाई के दौरान कोर्ट ने पाया कि आरोपी ने पहले भी जमानत याचिका दाखिल की थी लेकिन कोर्ट के सामने ग़लत रिपोर्ट पेश करने की वजह से जज ने आरोपी की जमानत याचिका खारिज कर दी थी.

सुनवाई के दौरान आरोपी के वकील ने कोर्ट को बताया कि मामले में सिर्फ इसी आरोपी के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की गई थी, जबकि आरोपी उस दौरान घटना स्थल की ना तो CCTV फुटेज में दिखा और ना ही दंगों की किसी वायरल वीडियोज में.

इतना ही नहीं दंगों के दौरान जिन लोगों की गाड़ियों और सम्पत्ति को नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाया है उनमें से किसी ने भी ना तो आरोपी को पहचाना और ना ही उसके बारे में कुछ कहा.

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सिर्फ मामले के जांच अधिकारी ने ही आरोपी की पहचान की इसके अलावा पुलिस के पास आरोपी के खिलाफ कोर्ट और साक्ष्य नहीं है. कोर्ट में दलील दी गई कि घटना 24 फरवरी की बताई जा रही है. मौके पर मौजूद पुलिसकर्मी ASI वेद पाल ने ना तो सुहेल को मौके से गिरफ्तार किया और ना ही इस बाबत डायरी में एंट्री कर थाने को रिपोर्ट किया.

आरोपी सुहेल की तरफ से दलील दी गई कि आरोपी 4 अप्रैल से न्यायिक हिरासत में है, जांच भी पूरी हो चुकी है ऐसे में आरोपी को और जेल में रखने से कुछ हासिल नहीं होने वाला, लिहाजा उसे जमानत दे दी जाए.

दिल्ली सरकार के वकील ने दी ये दलील

हालांकि दिल्ली सरकार के वकील की तरफ से कोर्ट को बताया गया कि दिल्ली पुलिस के ASI वेद पाल मौका ए वारदात पर मौजूद थे, वहां उन्होंने आरोपी को अन्य उपद्रवियों के साथ भजनपुरा की मैन रोड पर वाहनों में तोड़फोड़ करते देखा था, वो दूसरे समुदाय के खिलाफ नारेबाजी भी कर रहा था. इतना ही नहीं आरोपी और वेद पाल के बीच हाथापाई भी हुई थी.

कोर्ट ने माना आरोपी के खिलाफ कम है सबूत

दोनों पक्षों को सुनने के बाद कोर्ट ने भी माना कि आरोपी सुहेल के खिलाफ ASI वेद पाल की गवाही के अलावा और कोई ठोस सबूत कोर्ट के सामने नहीं रखा गया. उसे घटना स्थल से तुरंत गिरफ्तार नहीं किया गया साथ ही ASI वेद पाल ने 24 फरवरी की घटना के ब्यौरे की डीडी एंट्री भी नहीं की थी.

मामले की सुनवाई लंबी चल सकती है. इतने वक्त तक आरोपी को न्यायिक हिरासत में नहीं रखा जा सकता. लिहाजा कोर्ट मामले के तथ्यों और परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए आरोपी सुहेल को 20,000 रुपए की राशि का व्यक्तिगत बॉन्ड और समान राशि की गारंटी पर जमानत दे दी.

कोर्ट ने इन शर्तों के साथ दी जमानत.

कोर्ट ने सुहेल को सशर्त जमानत देते हुए हिदायत दी कि  वो मामले से जुड़े सबूतों के साथ छेड़छाड़ या किसी भी गवाह को प्रभावित नहीं करेगा. इलाके में शांति और सद्भाव बनाए रखेगा. सुनवाई की हर तारीख पर कोर्ट के सामने पेश होना होगा.

जेल से रिहा होने के बाद भजनपुरा थाने के SHO के पास अपना मोबाइल नंबर देना होगा. अपने मोबाइल फोन में “आरोग्य सेतु ऐप” डाउनलोड करना होगा.

सुहेल को जमानत देते हुए कोर्ट ने जमानत याचिका का निपटारा कर दिया और आदेश की एक कॉपी इलेक्ट्रॉनिक मोड से संबंधित जेल अधीक्षक को देने का निर्देश दिया ताकि सुहेल को जेल से रिहा किया जा सके.

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