दिल्ली का सिग्नेचर ब्रिज बना ट्रैफिक ब्लैक स्पॉट

सेव लाइफ फाउंडेशन के पीयूष तिवारी (Piyush Tiwari) ने कहा कि केवल गाड़ियों की तेज रफ्तार को भी इन दुर्घटनाओं का कारण नहीं माना जाना चाहिए, बल्कि इंजीनियरिंग डिजाइन (Engineering Design) के दोषों पर भी ध्यान देना चाहिए.

  • TV9 Hindi
  • Publish Date - 12:47 am, Sat, 5 September 20

दिल्ली (Delhi) का प्रसिद्ध सिग्नेचर ब्रिज (Signature Bridge) 2019 में 8 जानलेवा कार दुर्घटनाओं की वजह से एक ट्रैफिक ब्लैक स्पॉट में बदल गया है. यह राजधानी के सबसे बदनाम ट्रैफिक पॉइंट्स की लिस्ट में शामिल हो गया है जिसमें मुकरबा चौक, निरंकारी चौक और आजाद सब्जी मंडी शामिल हैं. इन स्थानों पर दुर्घटनाओं की मुख्य वजह दोषपूर्ण इंजीनियरिंग को बताया जा रहा है. इस ब्रिज का उद्घाटन केजरीवाल सरकार (Kejriwal Government) ने किया था.

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि शहर में ज्यादातर ट्रैफिक ब्लैक स्पॉट उत्तर और उत्तर-पश्चिम दिल्ली में थे. उन्होंने इसकी मुख्य वजह सड़कों की बनावट में कमी को बताया है. उनका कहना है कि फ्लाईओवर या अंडरपास के निर्माण की वजह से सड़कों की बनावट में बदलाव आ जाता है जिस वजह से सड़क दुर्घटनाओं में भी वृद्धि होती है.

निरंकारी चौक के एक्सीडेंट हॉटस्पॉट बनने की वजह

उदाहरण के लिए, निरंकारी चौक (Nirankari Chowk) जिसमें रिंग रोड के दोनों तरफ संत नगर और भालसवा डेयरी की 2 कॉलोनियां है, पैदल यात्री पुल (Pedestrian Bridge) के निर्माण होने के बाद एक्सीडेंट हॉटस्पॉट बन गया है. इस पुल की ऊंचाई ज्यादा होने की वजह से शायद ही लोग इस पुल का इस्तेमाल करते हैं और इसके बजाय लोग रिस्क लेकर सड़क ही पार करते हैं.

खराब सड़कों की वजह से होते हैं ज्यादातर एक्सीडेंट

सिग्नेचर ब्रिज पर इन दुर्घटनाओं को लेकर सेव लाइफ फाउंडेशन के पीयूष तिवारी (Piyush Tiwari) ने कहा कि ‘केवल गाड़ियों की तेज रफ्तार को भी इन दुर्घटनाओं का कारण नहीं माना जाना चाहिए, बल्कि इंजीनियरिंग डिजाइन के दोषों पर भी ध्यान देना चाहिए. उन्होंने कहा कि भारत में ज्यादातर सड़क दुर्घटनाएं सड़कों की खराब बनावट और दोषपूर्ण इंजीनियरिंग की वजह से होती हैं. कई मामलों में सड़क निर्माण में प्रोटोकॉल्स को नजरअंदाज किया गया है. उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार ने भी ब्लैक स्पॉट्स को लेकर इन्हीं मुद्दों को उठाया है और सिग्नेचर ब्रिज को लेकर भी ऐसा ही हो सकता है.’

नियम तोड़ने वालों को बताए जाते हैं ट्रैफिक नियम

संयुक्त पुलिस आयुक्त (यातायात) मीनू चौधरी (Meenu Choudhary) ने कहा कि ट्रैफिक पुलिस ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने वालों की बुकिंग के साथ-साथ उन्हें ट्रैफिक के नियम भी बताती है. उन्होंने कहा, “जहां भी कोई दुर्घटना होती है तो एसीपी और ट्रैफिक इंस्पेक्टर उस इलाके का निरीक्षण करते हैं और 24 घंटों के अंदर एक रिपोर्ट देते हैं. इससे हमें उस इलाके में होने वाली परेशानियों को समझने में मदद मिलती है. पिछले साल, हमने कुछ स्थानों पर पैदल चलने वालों की आवाजाही पर ध्यान दिया जहां कई दुर्घटनाएं हुईं. हमने ऐसे स्थानों पर पैदल यात्री पुल बनवाने के लिए कहा है.”