मंत्रालय से शिकायत करें RO कंपनी, नहीं बने बात तो आएं कोर्ट, SC ने जारी किया निर्देश

दिल्ली में आरओ फिल्टर के उपयोग पर नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) के प्रतिबंध के खिलाफ वाटर क्वालिटी इंडिया एसोसिएशन ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है.

Supreme-court
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दिल्ली में पानी सैंपल मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने RO कंपनियों की याचिका पर सुनवाई की. कोर्ट ने कहा, आरो बनाने वाली कंपनियों को संबंधित मंत्रालय में अपनी बात 10 दिनों में रखने को कहा. कोर्ट ने कहा कि मंत्रालय कंपनियों की मांगों पर विचार करें. अगर उसके बाद मामला नहीं सुलझता हो तो कंपनियां कोर्ट आ सकती है.

दरअसल, आरओ बनाने वाली कंपनियों के संगठन ने नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) के प्रतिबंध के खिलाफ अर्जी दी थी. इस अर्जी के मुताबिक, दिल्ली के कई हिस्सों में आरओ फिल्टर के उपयोग पर प्रतिबंध है. दिल्ली में आरओ फिल्टर के उपयोग पर नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) के प्रतिबंध के खिलाफ वाटर क्वालिटी इंडिया एसोसिएशन ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है.

उनका कहना है कि राष्ट्रीय मानक ब्यूरो (बीआईएस) की रिपोर्ट में दिल्ली का पानी पीने लायक नहीं है. ऐसे में इस प्रतिबंध को हटाया जाना चाहिए. उससे पहले बीआईएस ने रिपोर्ट जारी की, जो राम विलास पासवान के मंत्रालय के अधीन आता है. कोर्ट में सुनवाई से एक हफ्ते रिपोर्ट जारी करके दहशत का माहौल पैदा किया गया है.

संजय सिंह ने पूछा कि क्या राम विलास पासवान के मंत्रालय की ओर से जारी की गई रिपोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में आरओ कंपनियों की याचिका पर सुनवाई में कोई कनेक्शन है.

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