Delhi Violence: ISI का मैसेज लेकर प्रदर्शन में पहुंचे थे खालिस्तान समर्थक- पुलिस चार्जशीट

आरोपी अतहर खान के पूरक प्रकटीकरण बयान में पाकिस्तानी ISI और खालिस्तान मूवमेंट के समर्थकों की कथित सजिश उजागर हुई है. खान पर गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) के तहत मामला दर्ज किया गया है.

  • TV9 Hindi
  • Publish Date - 8:17 pm, Fri, 25 September 20

दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल (Delhi Police) की ओर से दंगा मामलों में दाखिल चार्जशीट में एक आरोपी ने अपने प्रकटीकरण बयान में खालिस्तान मूवमेंट (Khalistan Movement) के तीन समर्थकों और पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी-ISI का नाम लिया है. IANS के मुताबिक, आरोपी अतहर खान द्वारा दिए गए पूरक प्रकटीकरण बयान में पाकिस्तानी ISI और खालिस्तान मूवमेंट के समर्थकों की कथित संलिप्तता उजागर हुई है. खान पर गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) के तहत मामला दर्ज किया गया है.

भारतीय साक्ष्य अधिनियम के मुताबिक, इन बयानों का प्रयोग केवल विरोधाभाषों को साबित करने के लिए किया जा सकता है और आपराधिक मामलों में आरोपियों के खिलाफ प्रयोग नहीं किया जा सकता.

25 वर्षीय आरोपी ने कहा कि उसके एक सहयोगी रिजवान सिद्दकी ने 10 और 11 फरवरी को उसे व अन्य को कहा था कि उसने खालिस्तान मूवमेंट समर्थक बगीचा सिंह (Bagicha Singh) और लवप्रीत सिंह (Lovepreet Singh) से शाहीन बाग (Shaheen Bagh) प्रदर्शन स्थल पर मुलाकात की थी, जो भारत विरोधी गतिविधियों में शामिल हैं.

“ISI का मैसेज लेकर पहुंचे खालिस्तान समर्थक”

अतहर खान ने कहा, “बगीचा सिंह और लवप्रीत सिंह ने दावा किया कि उसे पाकिस्तानी आईएसआई का समर्थन प्राप्त है और एजेंसी ने यह संदेश भेजा है कि खालिस्तान समर्थकों को CAA और NRC के खिलाफ प्रदर्शन करना चाहिए.”

उसने कहा, “रिजवान ने हमसे कहा कि इन खालिस्तान मूवमेंट समर्थकों ने दंगों में हमारा समर्थन करने और अपने एक आदमी को प्रदर्शन स्थल पर भेजने का वादा किया है.”

दिल्ली हिंसा चार्जशीट में खुलासा : विरोध प्रदर्शन के प्रबंधन के लिए 1 करोड़ रुपये खर्च किए गए

खान ने अपने बयान में आगे कहा कि आठ-दस दिनों के बाद, एक व्यक्ति जबरजंग सिंह चांदबाग प्रदर्शन स्थल आया और कहा कि उसे बगीचा सिंह ने भेजा है. उसने मंच से सरकार के खिलाफ भाषण भी दिया था.

इससे पहले पुलिस की चार्जशीट में खुलासा किया गया था कि पांच आरोपी, जिनके खिलाफ यूएपीए (गैर कानूनी गतिविधि रोकथाम अधिनियम) लगाया गया है, इन्हें साजिश को अंजाम देने के लिए 1.61 करोड़ रुपए दिए गए थे.

दंगों की साजिश रचने के लिए खर्च हुआ 1.48 करोड़

चार्जशीट में, पुलिस ने दावा किया कि बर्खास्त नगरपालिका पार्षद ताहिर हुसैन, पूर्व पार्षद इशरत जहां, छात्र मीरान हैदर, एक्टिविस्ट खालिद सैफी और शिफा-उर-रहमान सहित पांच व्यक्तियों ने नकद या बैंक लेनदेन के रूप में 1.61 करोड़ रुपये प्राप्त किए, जिसमें 1.48 करोड़ रुपये का इस्तेमाल विरोध स्थलों के प्रबंधन और दंगों की साजिश को अंजाम देने के लिए किया गया था.

Delhi Violence: पढ़ें दंगों के दौरान भड़काऊ भाषण से जुड़े दिल्ली पुलिस के सवाल और कपिल मिश्रा के जवाब