नौकरी के नाम पर वेश्यावृत्ति में ढकेली गई लड़की को दिल्ली महिला आयोग ने छुड़ाया

लड़की की सहेली ने उसे 65 वर्षीय ग्राहक से मिलवाया और उसे 100 रुपये में बेच दिया.

दिल्ली महिला आयोग ने बवाना से वेश्यावृत्ति के लिए मजबूर एक 15 साल की लड़की को बचाया है. पीड़िता श्यामा (परिवर्तित नाम) को उसकी 12 वर्षीय दोस्त ने लक्ष्मी नाम की एक महिला से मिलवाया था. श्यामा की मां का बहुत पहले निधन हो गया था जबकि उसके पिता का हाल ही में निधन हो गया था. तब से वह अपनी चाची के साथ अपने 12 वर्षीय छोटे भाई के साथ बहुत गरीबी में रह रही थी.

श्यामा की दोस्त ने उसे लक्ष्मी नाम की महिला से मिलवाने को कहा और बताया कि वह उसे ऊंची तनख्वाह वाली नौकरी दिलाने में मदद करेगी. लक्ष्मी से मिलने के बाद वह उसे अपने घर ले गई और उसे मेकअप लगाने के लिए कहा. फिर वह उसे अन्य लड़कियों के साथ पास की एक फैक्ट्री में ले गयी जहां ग्राहक आते थे और लड़कियों के साथ बलात्कार करते थे.

वह उनसे लड़कियों के साथ सोने के लिए प्रत्येक ग्राहक से 300 रुपये लेती थी. लक्ष्मी ने गरीब लड़कियों को निशाना बनाया जो आसानी से उसके रैकेट का शिकार हो जाती थीं. लक्ष्मी खुद भी वेश्यावृत्ति में लगी हुई थी और इलाके में उसके मजबूत संपर्क थे.

5 सितंबर को श्यामा के साथ कुछ लोगों के समूह ने सामूहिक बलात्कार किया था, उन्होंने उसका अपहरण कर लिया और उसे एक बाथरूम में ले गए और उसके साथ 4 घंटे तक बलात्कार किया. चांद नाम का मुख्य आरोपी एक ग्राहक था, जो लक्ष्मी के माध्यम से श्यामा के पास गया था. उन्होंने उसे बेरहमी से पीटा, सिगरेट से जलने के निशान उसके शरीर पर अभी भी देखे जा सकते हैं. 10 सितंबर को श्यामा की एक सहेली ने उसे 65 वर्षीय ग्राहक से मिलवाया और उसे 100 रुपये में बेच दिया. वृद्ध ने फिर से लड़की के साथ बलात्कार किया.

जब श्यामा की चाची को उसकी स्थिति के बारे में पता चला, तो उन्होंने दिल्ली महिला आयोग के स्थानीय महिला पंचायत कार्यालय से संपर्क किया. दिल्ली महिला आयोग की सदस्य फिरदौस खान के मार्गदर्शन में दिल्ली महिला आयोग की टीम ने तुरंत पुलिस से संपर्क किया और शिकायत दर्ज करवाई. स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया है कि लक्ष्मी जैतून नामक एक अन्य तस्कर से जुड़ी हुई थी, जिसे नाबालिग लड़कियों की तस्करी के लिए पिछले महीने दिल्ली महिला आयोग के हस्तक्षेप से गिरफ्तार किया गया था. यह भी आरोप लगाया गया है कि लक्ष्मी को अक्सर स्थानीय पुलिस स्टेशन में बैठे देखा जाता था.

श्यामा को चिकित्सीय परीक्षण के लिए ले जाया गया और अब उसे आश्रय गृह भेज दिया गया है. दिल्ली पुलिस ने आईपीसी की धारा 376/323/342/370A और पोक्सो एक्ट के तहत मामले में एफआईआर दर्ज की है. हालांकि, पुलिस अभी तक इस मामले में कोई गिरफ्तारी नहीं कर पायी है.

दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्षा स्वाति मालीवाल ने कहा, “स्थानीय पुलिस की जानकारी के बिना बवाना में इतने बड़े पैमाने पर सेक्स रैकेट कैसे चल सकता है? पिछले महीने दिल्ली महिला आयोग ने यहां एक बड़े मानव तस्करी रैकेट का पर्दाफाश किया था और एक तस्कर जैतून को गिरफ्तार किया था. अगर पुलिस ने जैतुन से सही तरीके से पूछताछ की होती, तो अन्य रैकेट का पर्दाफाश हो जाता क्योंकि स्थानीय लोगों ने सूचित किया है कि मामले में मौजूद तस्कर – लक्ष्मी, कथित रूप से जैतुन में लड़कियों की आपूर्ति करती थी. इसके अलावा, यह आरोप भी लगाया कि तस्कर लक्ष्मी को अक्सर स्थानीय पुलिस स्टेशन में बैठे देखा जाता था. मुझे लगता है कि बवाना और नरेला इलाके में चल रहे सेक्स रैकेट में स्थानीय पुलिस की भूमिका की पूरी जांच होनी चाहिए. इस मामले में दिल्ली पुलिस को लक्ष्मी को तुरंत गिरफ्तार करना चाहिए.”

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