अमित शाह ने की जम्मू-कश्मीर के मुद्दों पर बैठक, विधानसभा सीटों के परिसीमन पर चल रहा विचार

केंद्र सरकार जम्मू-कश्मीर में परिसीमन पर जोर दे रही है जिससे एससी और एसटी वर्ग की सीटों के लिए आरक्षण के नए नियम लागू किए जा सकें.
jammu kashmir delimitation, अमित शाह ने की जम्मू-कश्मीर के मुद्दों पर बैठक, विधानसभा सीटों के परिसीमन पर चल रहा विचार

नई दिल्ली: बीजेपी मंत्री अमित शाह गृह मंत्रालय का कार्यभार संभालने के साथ ही एक्टिव हो गए हैं. केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने मंगलवार को जम्मू एवं कश्मीर तथा पूर्वोत्तर के मुद्दों पर विस्तृत बैठक की. सूत्रों के मुताबिक अमित शाह जम्मू-कश्मीर में परिसीमन आयोग के गठन पर विचार कर रहे हैं.

बता दें सूबे में आखिरी बार परिसीमन 1995 में किया गया था. इस दौरान गवर्नर जगमोहन के आदेश पर जम्मू-कश्मीर में 87 सीटों का गठन हुआ. जम्मू-कश्मीर में कुल 111 विधानसभा  सीटें हैं, जिनमें से 24 सीट खाली हैं. जम्मू-कश्मीर के संविधान के सेक्शन 47 के अनुसार 24 सीटों को पाक अधिकृत कश्मीर के लिए छोड़ा गया है. बाकी बची हुई 87 सीटों पर ही चुनाव होते हैं.

चूंकि जम्मू-कश्मीर में अलग संविधान लागू होता है इसलिए राज्य संविधान के हिसाब से निर्वाचन क्षेत्रों का परिसीमन 10-10  साल के अंतराल में किया जाना चाहिए. 2005 में जम्मू-कश्मीर में सीटों का परिसीमन किया जाना था, लेकिन 2002 में फारुक अब्दुल्ला सरकार ने इस पर 2026 तक के लिए रोक लगा दी.

जम्मू-कश्मीर जनप्रतिनिधित्व कानून, 1957 और जम्मू-कश्मीर के संविधान में बदलाव करके अब्दुल्ला सरकार ने ये फैसला लिया था.

गौरतलब है कि 2011 की जनगणना के अनुसार जम्मू संभाग की जनसंख्या 53,78,538 है जोकि प्रांत की कुल आबादी  की 42.89 फीसदी है. जम्मू संभाग से विधानसभा की कुल 37 सीटें चुनी जाती हैं, प्रांत का 25.93 फीसदी क्षेत्रफल जम्मू में आता है. वहीं कश्मीर की जनसंख्या 68,88,475 है, यहां कुल 46 विधानसभा सीटें हैं. इसके साथ ही लद्दाख में 4 विधानसभा सीटें हैं.

केंद्र सरकार जम्मू-कश्मीर में परिसीमन पर जोर दे रही है जिससे एससी और एसटी वर्ग की सीटों के लिए आरक्षण के नए नियम लागू किए जा सकें. कश्मीर में 11 फीसदी गुर्जर, बकरवाल और गद्दी जनजाति समुदाय के लोग हैं, लेकिन यहां किसी भी सीट पर आरक्षण नहीं है. जबकि जम्मू में 7 सीटें एससी के लिए रिजर्व रखी गई हैं. ऐसे में नए तरीके के परिसीमन से सामाजिक समीकरणों पर भी प्रभाव पड़ सकता है.

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