अपराध करने वाले विदेशियों के लिए बेंगलुरु में हिरासत केंद्र बनकर तैयार, जल्द होगा शुरू

बसवराज बोम्मई ने कहा, "हिरासत केंद्र को लेकर बात हो चुकी है और इसे शुरू करने में अब और अधिक देरी नहीं होगी."

अपराध करने वाले विदेशियों के लिए बेंगलुरु में एक अलग हिरासत केंद्र बनकर तैयार है. कर्नाटक के गृहमंत्री बसवराज बोम्मई ने कहा है कि आपराधिक कामों में शामिल विदेशियों के लिए हिरासत केंद्र बनकर तैयार हो चुका है और इसे जल्द ही शुरू कर दिया जाएगा.

‘जल्द कर दिया जाएगा शुरू’

बोम्मई ने कहा, “हिरासत केंद्र को लेकर बात हो चुकी है और इसे शुरू करने में अब और अधिक देरी नहीं होगी. आपराधिक कृत्यों में शामिल विदेशियों को हिरासत केंद्र में तब तक रखा जाएगा जब तक कि उन्हें उनके देश नहीं भेज दिया जाता.”

राज्य गृहमंत्री ने यह भी कहा कि बेंगलुरु-स्पेसिफिक आतंकवाद विरोधी दस्ता (ATS) नवंबर के पहले हफ्ते से काम करना शुरू कर देगा. दरअसल, कर्नाटक में पहले ही एटीएस की एक टीम काम कर रही है. इसे लेकर बोम्मई ने कहा कि बेंगलुरु-स्पेसिफिक एटीएस गठित करने का सुझाव लंबे समय से आ रहा था.

बता दें कि एनआईए ने हाल ही में बताया था कि जमात-उल-मुजाहिदीन ने साल 2014 से 2018 के बीच बेंगलुरू में 20-22 ठिकाने बनाए हैं. वो यहां से दक्षिण भारत में फैलने की कोशिश कर रहे हैं.

अप्रवासियों के पास है आधार और पैन कार्ड
वहीं, कर्नाटक के ज्यादातर बांग्लादेशी अप्रवासियों के पास आधार कार्ट और पैन कार्ड है. और ये लोग देश के उत्तर-पूर्व इलाके से होने का दावा करते हैं. ऐसे में बोम्मई से पूछा गया कि इन लोगों की पहचान कैसे होगी?

इस पर उन्होंने कहा कि यह एक तरह की समस्या है. इसका हल निकालने के लिए मैंने अपने सीनियर अधिकारियों से बात की है. वो लोग इस पर काम कर रहे हैं.

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