पीएम किसान सम्मान और आयुष्मान भारत पर आखिर क्यूं बरसी दीदी की ममता ?

दीदी ( mamata banerjee) ने 9 सितंबर को कृषि मंत्री और स्वास्थ्य मंत्री को खत लिखकर केंद्र की दोनों स्कीमों किसान सम्मान योजना (pm kisan samman nidhi) और आयुष्मान योजना (ayushman bharat) को प्रदेश में लागू करने का प्रस्ताव रखा. पर एक शर्त रख दी कि डायरेक्ट बेनिफिट किसानों तक प्रदेश सरकार के द्वारा ही भेजी जाएगी.

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  • Publish Date - 2:58 pm, Thu, 24 September 20
mamata banarjee to meet Amit Shah

आखिर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी (mamata banerjee) केंद्र की 2 लोककल्याणकारी योजनाओं पीएम किसान सम्मान योजना ( pm kisan samman nidhi) और आयुष्मान भारत (ayushman bharat) स्कीम को अपने राज्य में लागू करने को तैयार हो गई हैं. पर उन्होंने कुछ शर्तें लगाकर गेंद केंद्र सरकार की ओर फेंकने की कोशिश की है. हालांकि खबर है कि केंद्र ने उनकी शर्त मानने से इनकार कर अब फिर से गेंद ममता बनर्जी की ओर पहुंचा दिया है। अगले साल होने वाले चुनावों को लेकर बीजेपी जिस तरह ममता सरकार पर हमलावर हो रही है शायद उसका मुकाबला करने की दीदी की यह नई रणनीति हो सकती है।

क्या है शर्त

दीदी ने 9 सितंबर को केंद्र सरकार के कृषि मंत्री और स्वास्थ्य मंत्री को खत लिखकर केंद्र की दोनों स्कीमों किसान सम्मान योजना और आयुष्मान योजना को प्रदेश में लागू करने का प्रस्ताव रखा । पर एक शर्त रख दी कि डायरेक्ट बेनिफिट किसानों तक प्रदेश सरकार के द्वारा ही भेजी जाएगी। इसके लिए केंद्र सरकार पहले भेजा जाने वाला फंड राज्य सरकार को ट्रांसफर करेगी। केंद्र का कहना है कि सभी राज्यों में जिस तरह योजना का क्रियान्वयन हो रहा है उसी तरह से पश्चिम बंगाल में भी सरकार इस योजना को लागू करेगी। जाहिर है कि केंद्र इसके लिए तैयार नहीं होगा ये बात ममता बनर्जी को पहले से ही पता होगा। पर इसके लिए लेटर लिखकर राज्य के मतदाताओं के बीच यह संदेश देना अब जरूरी हो गया था कि वो इन योजनाओं को लागू करने को लेकर गंभीर हैं।

बीजेपी इसे बनाती रही है चुनावी मुद्दा

पिछले साल फरवरी में केंद्र की दो महत्वाकांक्षी योजनाएं पीएम किसान सम्मान योजना और आयुष्मान भारत योजना पूरे देश में लागू की गईं थीं पर पश्चिम बंगाल सरकार ने इसे लागू नहीं किया । इसके लिए बीजेपी बार-बार ममता सरकार को किसानों और गरीबों का हक मारने कि लिए निशाने पर लेती रही है। यहां तक कि प्रधानमंत्री ने भी बंगाल की चुनावी रैली में इन योजनाओं को लागू नहीं करने के लिए तंज कसा था। प्रदेश के राज्यपाल जगदीश घनखड़ भी इसके लिए सरकार को बार-बार टार्गेट करते रहे हैं।

क्या है पीएम किसान योजना और आयुष्मान भारत

पीएम किसान सम्मान योजना में एक साल में किसान को 6 हजार की आर्थिक सहायता दी जाती है । यह सहायता 3 किश्तों में किसान के खाते में डायरेक्ट ट्रांसफर की जाती है. इसी तरह आयुष्मान भारत योजना में हर शख्स को 5 लाख तक मेडिकल सहायता मुफ्त मिलती है। ये योजनाएं 100 परसेंट केंद्र सरकार से सहायता प्राप्त हैं और राज्य सरकारों का अशंदान इसमें जीरो होता है। अगस्त 2020 तक 38282 करोड़ रुपये किसानों को पीएम किसान योजना के तहत रकम ट्रांसफर हो चुकी है । इस योजना का लाभ अब तक करीब 9.2 करोड़ किसानों को मिल चुका है.