Eastern Ladakh Standoff: भारत-चीन की सेना के पीछे हटने का फर्स्‍ट फेज पूरा, अगली मीटिंग जल्‍द

चीनी विदेश मंत्रालय ने कहा कि बीजिंग भारत और चीन सीमा मामलों पर परामर्श और समन्वय (WMMC) के लिए बातचीत का दौर जारी रखेगा.
Disengagement between India China, Eastern Ladakh Standoff: भारत-चीन की सेना के पीछे हटने का फर्स्‍ट फेज पूरा, अगली मीटिंग जल्‍द

पूर्वी लद्दाख (East Ladakh) में LAC (Line of Actual Control) पर तनाव की स्थिति में सुधार आ रहा है. चीनी और भारतीय सैनिकों ने कई दौर की बातचीत के बाद पीछे हटने की प्रक्रिया (disengagement process) जारी है. सैनिकों को हटाने की प्रक्रिया हॉट स्प्रिंग्स में सोमवार को शुरू हो गई थी जोकि आज पूरी हो गई है.

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इंडियन आर्मी के सोर्सेज के अनुसार भारत-चीन विवाद के बीच सेना के पीछे हटने का काम गुरुवार को PP-17 (पैट्रोलिंग प्वाइंट 17, हॉट स्प्रिंग्स) पर पूरा हुआ. इसके साथ ही PP-14, और PP-15  पर भी Disengagement पूरा हो चुका है. शीर्ष सरकारी सूत्र के अनुसार भारतीय और चीनी सेना के बीच फ्रिक्शन प्वॉइंट पर पहले फेज़ की डिसइन्गेंजमेंट पूरी हो गई है. इसके तहत चीनी ट्रुप्स फिंगर एरिया में फिंगर 4 से फिंगर 5 की तरफ मूव किए गए.

खाली जगहों को भारत और चीन द्वारा टेंपररी गैर-गश्त वाले क्षेत्र के रूप में माना जाएगा और उनके ट्रुप्स वहां नहीं जाएंगे. डिसइन्गेंजमेंट का 2 राउंड NSA डोभाल और चीन के प्रतिनिधि के बीच स्थायी जगहों पर वापस जाने की चर्चाओं पर केंद्रित रहेगा.

चीन बातचीत का दौर जारी रखेगा

चीनी सेना के पूरी तरह से पीछे हटने के बाद चीन के विदेश मंत्रालय का बयान सामने आया है. चीनी विदेश मंत्रालय ने कहा कि बीजिंग भारत और चीन सीमा मामलों पर परामर्श और समन्वय (WMMC) के लिए बातचीत का दौर जारी रखेगा.

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता झाओ लिजियान ने गुरुवार को कहा, “कमांडर-स्तरीय वार्ता में चीन, भारत की सीमा के सैनिकों ने गलवान घाटी और अन्य क्षेत्रों में सीमावर्ती क्षेत्र में विघटन के लिए प्रभावी कदम उठाए हैं.” उन्होंने कहा, “सीमा पर स्थिति स्थिर है और सुधार हो रहा है. दोनों पक्षों ने सैन्य और राजनयिक चैनलों के माध्यम से बातचीत और संचार जारी रहेगा, जिसमें सीमा मामलों पर WMMC की बैठक भी शामिल है.”

गलवान से पीछे हट चुके हैं सैनिक

सेना के एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक, गलवान घाटी (Galwan Valley) के पीपी 14 में चीनी सैन्य शिविर को हटा लिया गया है, यहां से टैंट्स को उखाड़कर सामान को गाड़ियों में भरकर वापस ले जाया गया है. चीनी और भारतीय सैनिक गलवान घाटी में हुए संघर्ष की साइट से लगभग 1.8 किलोमीटर पीछे हट गए हैं.

अगली बातचीत जल्द ही संभव

MHA के सूत्रों ने कहा कि 6 जून से अबतक तीन दौर की बातचीत हो चुकी है. भारत और चीन की सेनाओं के बीच 30 जून को करीब 10 घंटे तक कोर कमांडर स्तर की बातचीत हुई थी. कार्य प्रणाली के लिए परामर्श और को-ऑर्डिनेशन (Working Mechanism for Consulataion and Coordination) के कल आयोजित होने के बाद भारत और चीनी सेनाओं के बीच कोर कमांडर-स्तरीय बातचीत आयोजित होगी.

बता दें कि 15 जून को गलवान घाटी में दोनों देशों के सैनिकों के बीच हुई हिंसक झड़प में 20 भारतीय जवान शहीद हो गए थे. चीनी पक्ष को भी नुकसान हुआ लेकिन उसने अभी इसकी जानकारी सार्वजनिक नहीं की है. गलवान में हुई हिंसक झड़प के बाद चीनी सैनिक उस स्थान से इधर आ गए थे जो भारत के मुताबिक LAC है. भारत ने भी अपनी मौजूदगी को उसी अनुपात में बढ़ाते हुए बंकर और अस्थायी ढांचे तैयार किए थे.

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