रोहतक: बहन की शादी में जाने को छुट्टी नहीं मिली तो डॉक्टर ने की सुसाइड, HoD के विरोध में हड़ताल

एसएचओ ने बताया कि मृतक ने आत्महत्या से पहले को सुसाइड नोट नहीं लिखा हैं. उनके सहकर्मियों दावा है कि एचओडी डॉ गथवाल अक्सर उनका उत्पीड़न किया करती थीं.

चंडीगढ़: हरियाणा के रोहतक में आत्महत्या का एक बड़ा ही सनसनीखेज मामला सामने आया है. एमडी की पढ़ाई कर रहे एक तीस वर्षीय डॉक्टर ने गुरुवार रात को अपने कॉलेज के हॉस्टल के कमरे में फांसी लगाकर जान दे दी. पुलिस का कहना है कि मृतक अपनी बहन की शादी में जाने के लिए छुट्टी चाहता था. लेकिन छुट्टी न मिलने पर कथित रूप से उसने ये कदम उठाया.

मृतक का नाम डॉ ओंकार है. वो कर्नाटक के धारवाड के रहने वाले हैं. डॉ ओंकार ने सीलिंग फैन में दुपट्टा बांधकर फांसी लगा ली. उन्होंने ये दुपट्टा अपनी बहन को शादी में गिफ्ट देने के लिए खरीदा था.

HoD पर डॉ का उत्पीड़न करने का आरोप
रोहतक एसएचओ इंस्पेक्टक कैलाश चंदेर ने बताया कि एचओडी डॉ गीता गठवाल कथित तौर पर मृतक डॉक्टर का उत्पीड़न कर रही थीं. एचओडी डॉ गीता पर आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप में मामला दर्ज कर लिया गया है.

एसएचओ ने कहा, “मृतक ने आत्महत्या से पहले को सुसाइड नोट नहीं लिखा है. डॉ ओंकार के सहकर्मियों और उनके परिवार वालों का दावा है कि डॉ गठवाल अक्सर उसका उत्पीड़न किया करती थीं. गथवाल पर यह भी आरोप लगाया जा रहा है कि उन्होंने ओंकार को बहन की शादी में जाने के लिए छुट्टी नहीं दी. ओंकार के सहकर्मियों का यह भी कहना है कि एचओडी ने उनकी कई बार बेइज्जती की थी.”

‘HoD के खिलाफ लिया जाए कड़ा एक्शन’ 
जैसे ही आत्महत्या की खबर सामने आई वैसे ही डॉक्टर्स एचओडी गठवाल के निवास के सामने एकजुट हो गए. डॉक्टर्स एचओडी के खिलाफ नारे लगाने लगे. साथ ही उन्होंने थोड़ी-बहुत हिंसक गतिविधियां भी कीं.

एक डॉक्टर ने नाम न बताने की शर्त पर कहा, “प्रशासन को एचओडी के खिलाफ कड़ा एक्शन लेना चाहिए. इलाज के दौरान एक बच्चे की मौत हो जाने पर उन्होंने ओंकार के खिलाफ एक झूठी शिकायत दायर की थी.”

जूनियर और सीनियर डॉक्टर्स ने अनिश्चित कालीन हड़ताल पर जाने का फैसला लिया है. डॉक्टर्स ने वाइस-चासंलर को पत्र लिखकर ओंकार के परिवार वालों के एक करोड़ रुपये दिए जाने की मांग की है. साथ ही उन्होंने जल्द से जल्द डॉ गीता गठवाल को उनके पद से हटाने के लिए कहा है.

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