सस्पेंड डॉक्टर ने सरेआम शर्ट उतारकर जताया सरकार का विरोध, हाथ बांध कर ले गई पुलिस

लोगों को समझ में नहीं आ रहा है कि एक डॉक्टर (Doctor) जिन्हें अभी भगवान के रूप में देखा जा रहा है, उन्होंने विरोध जताने के लिए ऐसा रास्ता क्यों अपनाया. वहीं पुलिस (Police) की हरकत पर भी हैरान हैं कि एक सीनियर डॉक्टर को इस तरह बांध कर ऑटो में डाल देना क्या सही है?
Doctor protests in Visakhapatnam, सस्पेंड डॉक्टर ने सरेआम शर्ट उतारकर जताया सरकार का विरोध, हाथ बांध कर ले गई पुलिस

आंध्र प्रदेश (Andhra Pradesh) के विशाखापत्तनम जिले के नर्सिपटनम इलाके (Narasipatnam) में एक डॉक्टर खाली बदन बीच सड़क में सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रहे थे. पुलिस ने उन्हें वहां से उठाया और थाना ले गई. मामले में सियासत भी शुरू होने लगी है.

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दरअसल, नर्सिपटनम सरकारी अस्पताल में कोरोना मरीजों (Corona Patients) के इलाज के दौरान डॉक्टरों को सभी सुविधाएं नहीं होने से सरकार से PPE किट और N-95 मास्क (Mask) मांग की थी. इस बारे में डॉक्टर सुधाकर ने मीडिया को भी जानकारी दी थी. उसके बाद इस विषय पर काफी चर्चा हुई. अस्पताल के अंदरूनी मामले को बाहर बता देने के आरोप में उन्हें सस्पेंड कर दिया गया, जिसके बाद से उनकी मानसिक स्थिति ठीक नहीं चल रही है.

मुख्यमंत्री के खिलाफ कर रहे थे सड़क पर प्रदर्शन

उन्होंने शनिवार को अचानक अपनी कार को सड़क किनारे लगाकर अपनी शर्ट उतार दी. शर्ट को कार में रख कर वह खाली बदन बीच सड़क पर विरोध प्रकट करते हुए सो गए. उन्होंने मुख्यमंत्री जगनमोहन रेड्डी (Jaganmohan Reddy) के खिलाफ लगातार अनाप-शनाप बोलना जारी रखा.

घटनास्थल पर पहुंची पुलिस ने उन्हें समझाने की कोशिश की. जब वह नहीं माने तो उनका हाथ पीछे से बांध कर और ऑटो में नीचे बैठाकर पुलिस स्टेशन ले जाया गया. पुलिस ने उनकी कार को भी जब्त कर लिया. बताया जा रहा है कि जब वह ऐसी हरकत कर रहे थे, तब वह नशे में थे.

डॉक्टर और पुलिस, दोनों की हरकतों पर हैरान हैं लोग

एक डॉक्टर की ऐसी हरकत पर लोग आश्चर्य में हैं. लोगों को समझ में नहीं आ रहा है कि एक डॉक्टर, जिन्हें अभी भगवान के रूप में देखा जा रहा है, उन्होंने विरोध जताने के लिए ऐसा रास्ता क्यों अपनाया. लोग पुलिस की हरकत पर भी हैरान हैं कि एक सीनियर डॉक्टर को इस तरह बांध कर ऑटो में डाल देना क्या सही है? विपक्ष भी इस पर सवाल उठा रहा है.

विपक्ष ने उठाया सवाल

राज्य के पूर्व मंत्री देवीननी उमा (Devineni Uma) ने कहा कि इतने बड़े शहर के सरकारी अस्पताल के सीनियर डॉक्टर सुधाकर ने कोरोना संक्रमण (Coronavirus) से डॉक्टरों की सुरक्षा के लिए जब PPE किट और N-95 मास्क की मांग की थी, तब उन्हें सस्पेंड कर दिया गया, और जब वे सड़क पर विरोध करने आये, तब सरकार के आदेश पर पुलिस ने उनका हाथ पीछे से बांध कर ऑटो में डाल दिया. एक सीनियर डॉक्टर के साथ इस तरह का बर्ताव दुर्भाग्यपूर्ण है.

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