Fani तूफान के बीच जन्म लेने वाली बच्ची का नाम रखा गया ‘फोनी’

भुवनेश्वर के मनचेश्वर अस्पातल में इस बच्ची का जन्म हुआ. बेटी का जन्म ऐसे वक्त पर हुआ है जबकि फोनी तूफान (Fani Cyclon) ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर रखा है.

भुवनेश्वर: ओडिशा की राजधानी भुवनेश्वर में शुक्रवार को एक बच्ची ने जन्म लिया है. चूंकि बच्ची के जन्म उस दौरान हुआ है कि जब पूर्वी तट पर फोनी (Fani Cyclon) तूफान आया हुआ है. इसी वजह से इस बच्ची का नाम भी फोनी (Fani Cyclon) ही रख दिया गया.

भुवनेश्वर के मनचेश्वर अस्पातल में इस बच्ची का जन्म हुआ. बेटी का जन्म ऐसे वक्त पर हुआ है जबकि फोनी तूफान (Fani Cyclon) ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर रखा है. बच्ची के जन्म के बाद ही निश्चय किया गया कि बच्ची का नाम तूफान के नाम से ही रखा जाएगा.

लालू की बेटी का नाम भी ऐसे ही रखा गया था
इससे पहले भी लालू प्रसाद यादव की बेटी का नाम मीसा रखा गया था. उसकी भी कहानी कुछ ऐसी ही है. जिस वक्त देश में जेपी आंदोलन चल रहा था. तभी तत्कालीन पीएम इंदिरा गांधी ने मीसा कानून लगाकर सभी नेताओं को जेल के अंदर ठूंस दिया था. लालू प्रसाद यादव को भी जेल में डाल दिया गया था. उसी वक्त लालू प्रसाद यादव के घर बेटी का जन्म हुआ जिसका नाम मीसा रखा गया.

200 किमी प्रतिघंटे की तफ्तार से हवाएं चल रही हैं
बंगाल की खाड़ी से उठा चक्रवाती तूफान फोनी ओडिशा के पुरी तट से टकरा गया है. पुरी के तट पर 200 किमी प्रतिघंटे की तफ्तार से हवाएं चल रही हैं. साथ ही भारी बारिश भी हो रही है. राज्य में एनडीआरएफ और नौसेना ने मोर्चा संभाला हुआ है.

मछुआरों को निर्देश
मौसम विभाग ने ओडिशा, पश्चिम बंगाल और आंध्र प्रदेश के तीन जिलों को यलो कार्ड जारी किया है. मछुआरों को एक से पांच मई तक मछली पकड़ने के लिए समुद्र में नहीं जाने को कहा गया है. ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक स्पेशल रिलीफ ऑगनाइजेशन पहुंचे हैं. उन्होंने यहां राहत और बचाव कार्यों की पूरी जानकारी ली है.

जन-जीवन अस्त-व्यस्त
भारत के पूर्वी तट पर आए फोनी तूफान की वजह से जनजीवन अस्त-व्यस्त पड़ा हुआ है. इसके चलते रेलवे और हवाई यातायात दो दिन प्रभावित रहने की संभावना है. फोनी को पिछले दो दशकों का पूर्वी तट से टकराने वाला सबसे बड़ा तूफान बताया जा रहा है. ये चक्रवाती तूफान ओडिशा के पुरी तट से शुक्रवार सुबह 9:30 बजे टकरा गया है.

ट्रेनें रद्द
रेलवे मंत्रालय के अधिकारियों ने कहा कि कोलकाता-चेन्नई मार्ग पर 220 से अधिक ट्रेनें शनिवार तक रद्द कर दी गई हैं. आगे 10 और ट्रेनों को रद्द करने का निर्णय लिया गया है – 3 मई को 7 ट्रेनें, 4 मई को एक ट्रेन, 6 मई को एक ट्रेन और 7 मई को एक ट्रेन. रेलवे ने पहले 1 से 3 मई तक 147 ट्रेनों को रद्द किया था.