जम्मू-कश्मीर मसले पर अमेरिका ने बनाई दूरी, पाक को दी भारत से बातचीत कर मामला सुलझाने की सलाह

भारत द्वारा संविधान के अनुच्छेद 370 को हटाने का फैसला लेने के बाद नई दिल्ली और इस्लामाबाद के बीच तनाव बढ़ गया.

नई दिल्ली: जम्मू-कश्मीर मसले पर पाकिस्तान को हर तरफ से निराशा हाथ लग रही है. हालांकि चीन ने UNSC में पाकिस्तान का साथ तो दिया लेकिन अन्य कोई देश उनके साथ नज़र नहीं आया. भारत का पुराना दोस्त रूस ने जम्मू-कश्मीर को भारत का आंतरिक मामला बताते हुए दोनों को फटकार भी लगाई.

इससे पहले अमेरिका ने भी कश्मीर मसले पर दूरी बनाते हुए पाकिस्तान को भारत से बात-चीत कर मामला सुलझाने की सलाह दी है. जम्मू-कश्मीर का विशेष राज्य का दर्जा हटाने और उसे दो केंद्र शासित प्रदेशों में विभाजित करने के भारत के फैसले को लेकर न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की बंद कमरे में हुई बैठक से पहले ट्रम्प और इमरान ने फोन पर बातचीत की.

बैठक के बाद व्हाइट हाउस के उप प्रेस सचिव होगान गिडले ने एक बयान में कहा, ‘राष्ट्रपति ने जम्मू-कश्मीर में हालात के संबंध में भारत और पाकिस्तान के बीच द्विपक्षीय वार्ता के जरिए तनाव कम करने की महत्ता बताई.’

उन्होंने कहा कि दोनों नेताओं ने अमेरिका और पाकिस्तान के बीच बढ़ते संबंधों को आगे बढाने के तरीकों पर चर्चा की. इससे पहले, पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने इस्लामाबाद में कहा कि खान ने संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में सुरक्षा परिषद की बैठक के संबंध में अमेरिकी राष्ट्रपति को ‘भरोसे में’ लिया है.

रेडियो पाकिस्तान ने कुरैशी के हवाले से कहा, ‘प्रधानमंत्री खान ने कश्मीर के ताजा घटनाक्रम और क्षेत्रीय शांति पर इसके खतरे के संबंध में पाकिस्तान की चिंता से अवगत कराया है.’

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