सुखबीर सिंह बादल ने राष्ट्रपति से की अपील, कृषि विधेयकों पर न करें हस्ताक्षर

नरेंद्र मोदी सरकार में पार्टी की एकमात्र मंत्री हरसिमरत कौर बादल कृषि विधेयक का विरोध जताने के लिए 17 सितंबर को केंद्रीय मंत्रिमंडल से इस्तीफा दे चुकी हैं.

SAD President Sukhbir Singh Badal
Sukhbir Singh Badal

शिरोमणि अकाली दल (SAD) के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल (Sukhbir Singh Badal) ने रविवार को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद (President Ramnath Kovind) से कृषि विधेयकों (agriculture bills) पर हस्ताक्षर न करने का आग्रह किया. उन्होंने उनसे अनुरोध किया कि विधेयकों को पुनर्विचार के लिए संसद में वापस भेजा जाए. बादल ने एक बयान में कहा, “कृपया किसानों, ‘किसान मजदूरों’, ‘आढ़तियों’ (एजेंटों), मजदूरों और दलितों के साथ खड़े हों.”

उन्होंने कहा, “कृपया उनकी ओर से सरकार के इस रुख पर हस्तक्षेप करें, अन्यथा वे हमें कभी माफ नहीं करेंगे.” बादल ने आगे कहा कि अन्नदाता या किसानों को भूखा न रहने दें और न ही सड़कों पर न सोने दें. उन्होंने कहा कि दोनों विधेयकों का पारित होना देश के लाखों लोगों के लिए और लोकतंत्र के लिए एक दुखद दिन है. उन्होंने कहा कि लोकतंत्र का अर्थ है आम सहमति, न कि बहुसंख्यक उत्पीड़न. बादल की पार्टी सत्तारूढ़ भाजपा की सबसे पुरानी सहयोगियों में से एक है और सत्तारूढ़ राजग का हिस्सा है.

तीन में से दो कृषि विधेयक राज्यसभा में पारित

तीन में से दो कृषि विधेयक रविवार को राज्यसभा द्वारा पारित कर दिए गए, ये विधेयक कृषक उपज व्यापार एवं वाणिज्य (संवर्धन एवं सरलीकरण) विधेयक 2020 और कृषक (सशक्तीकरण व संरक्षण) कीमत आश्वासन और कृषि सेवा पर करार विधेयक 2020 हैं. इन्हें इस सप्ताह की शुरुआत में लोकसभा द्वारा पारित किया गया था. नरेंद्र मोदी सरकार में पार्टी की एकमात्र मंत्री हरसिमरत कौर बादल कृषि विधेयक का विरोध जताने के लिए 17 सितंबर को केंद्रीय मंत्रिमंडल से इस्तीफा दे चुकी हैं.

 

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