DRDO ने सुखोई से किया गाइडेड बम का टेस्‍ट, सटीक लगा निशाना

बम को लेकर जो लक्ष्‍य तय किए गए थे, वह सभी टेस्‍ट फायरिंग के दौरान हासिल कर लिए गए.

नई दिल्‍ली: रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) ने शुक्रवार को एक बड़ी उपलब्धि हासिल की. देश में बनाए गए 500 किलो श्रेणी के गाइडेड बम का सफल परीक्षण हुआ है. रक्षा मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि बम अपेक्षित दूरी तक जाकर लक्ष्य को सटीकता के साथ भेदने में सफल रहा.

मंत्रालय के मुताबिक, “DRDO ने वायुसेना के अग्रिम पंक्ति के एसयू-30 एमकेआई लड़ाकू विमान से राजस्थान के पोखरण में 500 किलोग्राम श्रेणी के इनर्टियल गाइडेड बम का सफल परीक्षण किया.” मंत्रालय ने यह भी कहा कि जो लक्ष्‍य तय किए गए थे, वह सभी टेस्‍ट फायरिंग के दौरान हासिल कर लिए गए. यह प्रणाली कई तरह के हथियार ले जाने में सक्षम है.

BrahMos का टेस्‍ट भी रहा था सफल

भारत ने 22 मई को सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल ‘ब्रह्मोस’ के एयर-लांच संस्करण का दूसरा परीक्षण किया था. इस मिसाइल को भी सुखोई-30 एमकेआई लड़ाकू विमान से दागा गया था. ब्रह्मोस का एयर-लांच संस्करण एक 2.5 टन कर क्रूज मिसाइल है, जो 300 किलोमीटर दूरी तक मार कर सकती है.

भारत की ओर से ‘ब्रह्मोस’ के सफल परीक्षण के एक दिन बाद ही, 23 मई को पाकिस्तान ने जमीन से जमीन पर मार करने वाली बैलिस्टिक मिसाइल शाहीन-2 के परीक्षण की घोषणा की थी. यह मिसाइल 1,500 किलोमीटर तक परंपरागत व आण्विक हथियार ले जाने में सक्षम है.

पाकिस्तानी सेना की मीडिया विंग इंटर सर्विसेज पब्लिक रिलेशंस (ISPR) ने एक बयान में कहा, “परीक्षण करने का मकसद सेना की रणनीतिक बल कमान की सैन्य तत्परता को सुनिश्चित करना है. शाहीन-2 मिसाइल परंपरागत और आण्विक दोनों प्रकार के हथियारों को 1,500 किलोमीटर की मारक क्षमता में पहुंचाने में सक्षम है.”

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