DSP देविंदर सिंह पर UAPA के सेक्‍शन 38-39 के तहत केस, जानें क्‍यों लगती हैं ये धाराएं

DSP देविंदर सिंह 11 जनवरी को हिजबुल मुजाहिदीन के कमांडर नवीद बाबू और वकील इरफान के साथ गिरफ्तार किया गया था.

आतंकियों के साथ गिरफ्तार जम्‍मू-कश्‍मीर पुलिस के डीएसपी देविंदर सिंह के खिलाफ नेशनल इन्वेस्टीगेशन एजेंसी (NIA) ने केस दर्ज कर लिया है. सिंह पर Unlawful Activities (Prevention) Act (UAPA) की कई धाराएं लगाई गई हैं. इसके अलावा उसपर आर्म्‍स एक्‍ट, विस्‍फोटक रखने से जुड़ी धाराएं भी लगाई गई हैं. ख़बर है कि NIA देविंदर सिंह को दिल्‍ली लाकर पूछताछ कर सकती है.

सिंह पर UAPA की धारा 18, 19, 20, 38 और 39 के तहत केस हुआ है. धारा 38 तब लगती है जब आरोपी के आतंकी संगठन से जुड़े होने की बात पता चलती है. धारा 39 आतंकी संगठनों को मदद पहुंचाने पर लगाई जाती है.

क्‍या है UAPA?

सरकार ऐसे लोगों को आतंकवादियों के तौर पर चिन्हित कर सकती है, जो आतंकवादी गतिविधियों में संलिप्त हैं, आतंक के लिए किसी को तैयार करते हैं या इसे बढ़ावा देते हैं. इस एक्‍ट के जरिए NIA के महानिदेशक को यह अधिकार है कि वह किसी मामले की जांच के दौरान संपत्ति को जब्त या कुर्क कर सके.

देविंदर सिंह मामले की डिटेल्‍ड इनवेस्टिगेशन के लिए NIA की एक टीम जम्‍मू-कश्‍मीर में है. NIA की नजर डीएसपी की प्रॉपर्टी पर भी है उसके बैंक खातों की जानकारी जुटाई जा रही है.

11 जनवरी को देविंदर सिंह को हिजबुल मुजाहिदीन के कमांडर नवीद बाबू और वकील इरफान के साथ गिरफ्तार किया गया था. उनकी कार को पुलिस ने श्रीनगर-जम्मू राजमार्ग पर रोक दिया था. जम्मू-कश्मीर पुलिस के अनुसार, सिंह बाबू और उसके साथी को जम्मू ले जा रहा था.

विवादों के घेरे में देविंदर सिंह का करियर ग्राफ

  • देविंदर सिंह ने एक सब इसपेक्टर एसआई के रूप में साल 1990 के शुरुआती वर्षो में पुलिस बल जॉइन किया था.
  • साल 1994 में एसओजी की स्‍थापना के बाद उसे आउट ऑफ टर्न प्रमोशन दिया गया.
  • मार्च 2003 में तत्‍कालीन मुख्‍यमंत्री मुफ्ती मोहम्‍मद सईद ने एसओजी को खत्‍म कर दिया.
  • इस दौरान एसओजी के 53 अधिकारियों के खिलाफ मानवाधिकार उल्‍लंघन के 49 मामले दर्ज किए गए थे.
  • इनमें से 25 अधिकारियों को बर्खास्‍त कर दिया गया. इसके बाद सिंह को ट्रैफिक ड‍िपार्टमेंट में भेज दिया गया.
  • गिरफ्तारी के समय देविंदर सिंह जम्‍मू-कश्‍मीर पुलिस की एंटी हाईजैकिंग टीम का सदस्‍य था और श्रीनगर इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर तैनात था.

NIA 2001 के संसद हमले की फाइलों को भी देखेगी. ऐसा माना जाता है कि गाजी बाबा नाम के एक गैर-स्थानीय लश्कर-ए-तैयबा (LeT) के कमांडर द्वारा इसकी योजना बनाई गई थी. सिंह 2002 में आतंकवाद रोधी विशेष अभियान समूह (SOG) का हिस्सा था. संसद हमले के दोषी अफजल गुरु द्वारा अपने वकील को लिखे पत्र में यह भी सुझाव दिया था कि एक और संसद हमलावर मोहम्मद को पुलिस अधिकारी के निर्देश पर दिल्ली ले जाया गया था.

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