दिल्ली सरकार के खिलाफ डीयू शिक्षकों का विरोध-प्रदर्शन, सिसोदिया का आरोप- चार कॉलेज जानबूझकर नहीं दे रहे सैलरी

दिल्ली (Delhi) के डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया ने दावा किया कि डीयू (DU) के चार कॉलेज जानबूझकर कर्मचारियों का भुगतान नहीं कर रहे हैं. कॉलेजों ने अवैध तरीके से फंड का फिक्स डिपॉजिट किया है.

दिल्ली शिक्षक संघ (DUTA) ने दिल्ली सरकार द्वारा वित्त पोषित डीयू के 12 कॉलेजों के शिक्षकों को पिछले पांच महीने से सैलरी न मिलने के मुद्दे पर तीन दिन की हड़ताल बुलाई है. यह हड़ताल 16 से 18 सितंबर तक बुलाई गई है. डूटा (DUTA) दिल्ली सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रहा है. डूटा की मांग है कि दिल्ली सरकार शिक्षकों के हालात समझे और वेतन के लिए तुरंत फंड दे. उनका कहना है कि अब हालात एसे हो गए हैं कि बिना सैलरी और पेंशन के कर्मचारी अपना घर नहीं चला सकते.

डूटा (DUTA) ने कहा कि अपनी आजीविका और मूल अधिकार के हनन के लिए उन लोगों ने कानून का सहारा लिया है. डूटा (DUTA) के पदाधिकारियों का कहना है कि उन्होंने इस मुद्दे पर चर्चा करने के लिए सीएम अरविंद केजरीवाल से मिलने की भी कोशिश की. लेकिन उन्होंने लास्ट मिनट पर मिलने से मना कर दिया. सीएम का शिक्षकों के प्रतिनिधियों से मिलने से इनकार करना उनके अड़ियल और गैरजिम्मेदाराना रवैये को दिखाता है.

डीयू के चार कॉलेज के पास पर्याप्त फंड-सिसोदिया

वहीं दिल्ली (Delhi) के डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया ने दिल्ली सरकार की तरफ से कराई गई ऑडिट का हवाला देते हुए दावा किया कि डीयू के 12 में से चार कॉलेजों के खातों में पर्याप्त फंड है. मनीष सिसोदिया ने कहा कि चार कॉलेजों- दीन दयाल उपाध्याय कॉलेज, केशव महाविद्यालय, भगिनी निवेदिता कॉलेज और शहीद सुखदेव कॉलेज द्वारा फंड के दुरुपयोग करने का संकेत मिला है. उन्होंने आरोप लगाया कि कॉलेज जानबूझकर कर्मचारियों का भुगतान नहीं कर रहे हैं. कॉलेजों ने अवैध तरीके से फंड को फिक्स डिपॉजिट किया हुआ है.

मनीष सियोदिया की यह टिप्पणी कॉलेजों के उस दावे के बाद सामने आई, जिसमें कहा गया था कि उनके पास फंड की कमी है जिसकी वजह से वेतन, बिजली और फोन के बिल का भुगतान करने में परेशानी हो रही है. बतादें कि ये कॉलेज महीनों से वित्तीय मदद की मांग कर रहे हैं, इस मामले में कॉलेज प्रबंधन कुछ समय पहले उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया से मुलाकात भी कर चुका हैं.

DUSA ने मनीष सिसोदिया के दावों को किया खारिज

वहीं डीयू के चार कॉलेजों ने गुरुवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया के सभी दावों को खारिज करते हुए कहा कि एफडी (Fix Deposit) में जमा पैसा स्टूडेंट्स सोसायटी फंड से निकाला गया है. कॉलेज ने कहा कि यह फंड छात्रों की भलाई के लिए रखा गया है, इसका इस्तेमाल सांस्कृतिक कर्यक्रमों के आयोजन, हॉस्टल के रख रखाव, प्लेसमेंट फेयर में किया जाता है. कर्मचारियों के वेतन पर इसे खर्च नहीं किया जा सकता.

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