भाई-बहन की सूझबूझ और समझदारी के बूते पुलिस के हत्थे चढ़ा हिस्ट्रीशीटर गैंग

लूट के दौरान चंदा भी अपनी स्कूटी से गिर गई थी, लेकिन उसने हिम्मत नहीं हारी वहां मौजूद राहगीर से उसका फोन लेकर उसने अपने भाई प्रभात को बुलाया

दिल्ली के जैतपुर इलाके में दो बहादुर भाई बहनों ने एक लूटेरे को उसका पीछा कर पकड़ लिया, जिससे पुलिस ने लूटपाट के आठ मामले सुलझा लिए हैं. इनका नाम चंदा कुमारी और प्रभात रंजन है. चंदा दिल्ली के जैतपुर की रहने वाली है, वो नोएडा के एक स्कूल में टीचर है. चंदा रोज की तरह 11 सितंबर को अपनी स्कूटी पर अपने स्कूल जा रही थी, सुबह करीब 8 बजे के वक्त वो ओखला इलाके में पहुंची वहां एक पल्सर बाइक पर आए 3 लूटेरों ने उसका बैग छीन लिया और वहां से फरार हो गए.

लूट के दौरान चंदा भी अपनी स्कूटी से गिर गई थी, लेकिन उसने हिम्मत नहीं हारी वहां मौजूद राहगीर से उसका फोन लेकर उसने अपने भाई प्रभात को बुलाया. चंदा के बैग में उसके पैसों के साथ फोन भी था जिसमें GPRS ऑन था. साथ ही चोरी की स्थिति में अपने फोन को ट्रैक करने वाला सॉफ्टवेयर भी अपडेट था.

चंदा और उसके भाई ने फोन की लोकेशन चेक की थी, उन्हें फोन खड्डा कॉलोनी जैतपुर इलाके में ऑन दिखा. इसके बाद दोनों बहन भाई जब वहां पहुंचे तो उन्हें वो तीनों लूटेरे चंदा को दिख गए और चंदा ने उन्हें पहचान लिया. लूटेरों ने जैसे चंदा को देखा तो वहां से फरार होने लगे लेकिन प्रभात और चंदा ने नितिन नाम के लूटेरे को मौके से दबोच लिया और पुलिस को सौंप दिया. पुलिस ने उसके पास से चंदा का छीना और फोन और बैग बरामद किए और वारदात में इस्तेमाल बाइक भी जब्त कर ली.

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पुलिस ने जांच में बताया कि पकड़े गए लूटेरे का नाम नितिन है जो लाजपत नगर थाना क्षेत्र का हिस्ट्री शीटर है. इसको पहले भी लूटपाट के मामले में गिरफ्तार किया जा चुका है. पुलिस ने नितिन की निशानदेही पर उसके एक और साथी रामजानी को भी उसी दिन फरीदाबाद से गिरफ्तार कर लिया है, लेकिन तीसरा साथी बंदी अभी फरार है.

पुलिस ने बताया कि नितीन को आरमदय जिंदगी जीने की चाह थी, इसलिए वो जल्द पैसा कमाना चाहता था और अपनी इसी चाह की वजह से वो एक लूटेरा बन गया. पहले ये वारदातों को अकेला अंजाम देता था लेकिन बाद में रामजानी और बंदी भी इसके साथ जुड़ गए थे. लाजपत नगर के इलाके में पुलिस ने नितिन पर लगातार निगाह बनाई हुई थी इसी से परेशान होकर नितिन दूसरी जगहों को अपना निशाना बनाना शुरू किया था, लेकिन इस बार वो दो भाई बहनों की बहादुरी से पकड़ा गया.

नितिन के ऊपर 8 एफआईआर दर्ज है फिलहाल अब वो पुलिस की गिरफ्त में है. दिल्ली पुलिस के दक्षिणी पूर्वी जिले के डीसीपी चिन्मय बिस्वाल ने इन दोनों भाई बहनों को बहादुरी का सर्टिफिकेट देकर सम्मानित किया.

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