भूकंप की तीव्रता, इतने रिक्टर स्केल का भूकंप लाता है तबाही, जानिए कैसे मापी जाती है इसकी तीव्रता
भूकंप की तीव्रता, इतने रिक्टर स्केल का भूकंप लाता है तबाही, जानिए कैसे मापी जाती है इसकी तीव्रता

इतने रिक्टर स्केल का भूकंप लाता है तबाही, जानिए कैसे मापी जाती है इसकी तीव्रता

भूकंप को रिक्टर स्केल पर मापा जाता है. रिक्टर स्केल पर इसकी तीव्रता को तय किया जाता है.
भूकंप की तीव्रता, इतने रिक्टर स्केल का भूकंप लाता है तबाही, जानिए कैसे मापी जाती है इसकी तीव्रता

नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली और इसके आस-पास के इलाकों समेत जम्मू-कश्मीर और पंजाब में मंगलवार शाम 4.30 बजे के करीब भूकंप के झटके महसूस किए गए. इस भूकंप का केन्द्र पाकिस्तान के लाहौर के उत्तर-पश्चिम में 173 किमी दूर बताया जा रहा है. यूरोपियन मेडिटे​रेनियन सीस्मोलॉजिकल सेंटर का कहना है कि भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 6.1 मैग्नीट्यूड थी. पीओके में इस भूकंप से भारी जान-माल का नुकसान हुआ है. यहां हम आपको बताते हैं कि भूकंप की तीव्रता को कैसे मापा जाता है.

भूकंप को रिक्टर स्केल पर मापा जाता है. रिक्टर स्केल पर इसकी तीव्रता को तय किया जाता है.

7.9 रिक्टर स्केल पर भूकंप आने पर जहां इमारतें गिर जाती हैं वहीं 2.9 रिक्टर स्केल पर भूकंप आने पर हल्का कंपन होता है.
0 से 1.9 रिक्टर स्केल पर भूकंप आने पर सिर्फ सीज्मोग्राफ से ही पता चलता है. आम आदमी को ये पता भी नहीं चलता.
2 से 2.9 रिक्टर स्केल पर भूकंप आने पर हल्का कंपन होता है. लेकिन ये भी पता नहीं चल पाता है.
3 से 3.9 रिक्टर स्केल पर भूकंप आने पर आपको जरूर महसूस होगा लेकिन हर बार ऐसा हो ये कोई जरूरी नहीं है. आप ऐसा मान लीजिए कि आप किसी पुल से गुजर रहे हों और तेज रफ्तार वाहन वहां से गुजरे तो आपको कंपन महसूस होता है.
4 से 4.9 रिक्टर स्केल पर भूकंप आने पर खिड़कियां टूट सकती हैं. दीवारों पर टंगे फ्रेम गिर सकते हैं. ऐसा केवल हमने ऊंचे इमारतों में ही देखा है. आम तौर पर इंसान को इतना भूकंप भी नहीं पता चलता.
5 से 5.9 रिक्टर स्केल पर भूकंप आने पर फर्नीचर हिल सकता है. आपको महसूस भी होगा. हम कभी-कभी महसूस करते हैं कि हमें चक्कर या जी मचलाने लगता है. बाद में पता चलता है कि भूकंप आया था.
6 से 6.9 रिक्टर स्केल पर भूकंप आने पर इमारतों की नींव दरक सकती है. ऊपरी मंजिलों को नुकसान हो सकता है. चलते फिरते लोगों को भी इसका आभास होता है.
7 से 7.9 रिक्टर स्केल पर भूकंप आने पर इमारतें गिर जाती हैं. जमीन के अंदर पाइप फट जाते हैं. कई बार सड़कें भी बीच से दरक जाती हैं. इतनी तीव्रता का भूकंप जान-माल की हानि करने में पर्याप्त होता है.
8 से 8.9 रिक्टर स्केल पर भूकंप आने पर इमारतों सहित बड़े पुल भी गिर जाते हैं. ऊंची-ऊंची इमारतें भी जमींदोज हो जाती हैं. इसमे भारी नुकसान होता है. चिली में आया भूकंप तकरीबन इसी के आस-पास था. वहां की तस्वीरों से पता चलता है कि कितना भयावह हो जाता है इतनी तीव्रता का भूकंप.
9 और उससे ज्यादा रिक्टर स्केल पर भूकंप आने पर पूरी तबाही तय होती है. सीधे तौर पर कहें तो सूनामी जैसा मंजर आपके सामने होता है. इमारते देखते-देखते जमींदोज हो जाती हैं. जमीन फटने लगती है. भूकंप में रिक्टर पैमाने का हर स्केल पिछले स्केल के मुकाबले 10 गुना ज्यादा ताकतवर होता है.

 

भूकंप की तीव्रता, इतने रिक्टर स्केल का भूकंप लाता है तबाही, जानिए कैसे मापी जाती है इसकी तीव्रता
भूकंप की तीव्रता, इतने रिक्टर स्केल का भूकंप लाता है तबाही, जानिए कैसे मापी जाती है इसकी तीव्रता

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