लद्दाख के बाद भूकंप के झटके से थर्राई जम्मू-कश्मीर की धरती, तीव्रता 4.5

लद्दाख (Ladakh) में शनिवार तड़के भूकंप (Earthquake) के झटके महसूस किए गए हैं. रिक्टर पैमाने पर भूकंप की तीव्रता 3.7 रही. नेशनल सेंटर फॉर सिस्मोलॉजी के मुताबिक, तड़के 2:14 बजे भूकंप के झटके से धरती कांपने लगी. अभी तक किसी तरह के जानमाल के नुकसान की खबर नहीं मिली है.

Earthquake

जम्मू-कश्मीर (Jammu-Kashmir) में शनिवार दोपहर भूकंप के झटके महसूस किए गए हैं. रिक्टर पैमाने पर भूकंप की तीव्रता 4.5 रही. नेशनल सेंटर फॉर सिस्मोलॉजी के मुताबिक, आज दोपहर 12:02 बजे भूकंप के झटके से धरती कांपी. अभी तक किसी बड़े नुकसान की खबर नहीं है.

केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख (Ladakh) में शनिवार तड़के भूकंप (Earthquake) के झटके महसूस किए गए हैं. रिक्टर पैमाने पर भूकंप की तीव्रता 3.7 रही. नेशनल सेंटर फॉर सिस्मोलॉजी (National Centre for Seismology) के मुताबिक, तड़के 2:14 बजे भूकंप के झटके से धरती कांपने लगी. अभी तक किसी तरह के जानमाल के नुकसान की खबर नहीं मिली है.

शुक्रवार शाम को लद्दाख में भूकंप के झटके

इससे पहले शुक्रवार शाम को लद्दाख में भूकंप के झटके महसूस किए गए. नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी के मुताबिक, शक्रवार शाम करीब 4:27 बजे लद्दाख में भूकंप के कारण धरती हली. भूकंप की तीव्रता 5.4 मापी गई है. फिलहाल किसी बड़े नुकसान की जानकारी नहीं है.

शनिवार को भी लद्दाख में भूकंप के झटके

मालूम हो कि शनिवार को भी लद्दाख में भूकंप के झटके महसूस किए गए थे. इसके साथ ही पड़ोसी देश पाकिस्तान और अफगानिस्तान में भूकंप से धरती हली थी. हालांकि किसी तरह का बड़ा नुकसान नहीं हुआ.

लद्दाख में भूकंप से कांपी धरती, रिक्टर स्केल पर मापी गई 5.4 तीव्रता

क्यों आता है भूकंप?

भूकंप आने के पीछे ये होती है मुख्‍य वजह धरती के अंदर 7 प्लेट्स ऐसी होती हैं जो लगातार घूम रही हैं. ये प्लेट्स जिन जगहों पर ज्यादा टकराती हैं, उसे फॉल्ट लाइन जोन कहा जाता है. बार-बार टकराने से प्लेट्स के कोने मुड़ते हैं. जब प्रेशर ज्यादा बनने लगता है कि तो प्लेट्स टूटने लगती हैं. इनके टूटने के कारण अंदर की एनर्जी बाहर आने का रास्ता खोजती है. इसी डिस्टर्बेंस के बाद भूकंप आता है.

भूकंप आने पर बरतें ये सावधानियां

भूकंप को लेकर किसी तरह का कोई पूर्वानुमान नहीं लगाया जा सकता है. लेकिन सवाधानी बरतने पर नुकसान को कम किया जा सकता है. इसके लिए हम ये कदम उठा सकते हैं-

  • मकान, दफ्तर या किसी भी इमारत के अंदर हैं तो जल्द से जल्द खुले मैदान में आएं.
  • किसी बिल्डिंग के आसपास न खड़े हों.
  • भूंकप के दौरान लिफ्ट का इस्तेमाल न करें.
  • घर की सभी बिजली स्विच को ऑफ कर दें.
  • अगर बिल्डिंग बहुत ऊंची हो तो वहां मौजूद किसी मेज, ऊंची चौकी या बेड के नीचे छिप जाएं.

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