मिजोरम के चंफाई में भूकंप के झटके से कांपी धरती, रिक्टर पैमाने पर 4.6 रही तीव्रता

रिक्टर पैमाने पर भूकंप (Earthquake) की तीव्रता 4.6 रही. नेशनल सेंटर फॉर सिस्मोलॉजी के अनुसार, सुबह 7:29 बजे भूकंप के झटके से चंफोई के पास धरती कांपी. अभी तक किसी तरह के जानमाल के नुकसान की खबर नहीं मिली है.

Earthquake

मिजोरम (Mizoram) के चंफाई (Champhai) में रविवार को भूकंप (Earthquake) के झटके महसूस किए गए हैं. रिक्टर पैमाने (Ricter Scale) पर भूकंप की तीव्रता 4.6 रही. नेशनल सेंटर फॉर सिस्मोलॉजी (National Centre for Seismology) के अनुसार, सुबह 7:29 बजे भूकंप के झटके से चंफाई के पास धरती कांपी. अभी तक किसी तरह के जानमाल के नुकसान की खबर नहीं मिली है.

इससे पहले मेघालय में शनिवार शाम 8:18 बजे 3.8 तीव्रता के भूकंप के झटके महसूस किए गए. भूकंप का केंद्र नॉर्थ तुरा से 80 किलोमीटर दूर था. तीव्रता काफी कम होने के कारण किसी भी तरह के जान-माल के नुकसान की कोई खबर नहीं है. नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी (NSS) की ओर से यह जानकारी दी गई.

कुछ दिनों पहले ही जम्मू-कश्मीर में आया भूकंप

गौरतलब है कि 11 सितंबर को जम्मू-कश्मीर में भूकंप के झटके महसूस किए गए, जिसकी तीव्रता रिक्टर स्केल पर 4.3 मापी गई. भूकंप का केंद्र भारत-पाकिस्तान सीमा क्षेत्र था. भूकंप के झटके देर रात 1.53 बजे 33.03 डिग्री उत्तर में और 73.63 डिग्री पूर्व में महसूस किए गए. इसकी गहराई 10 किलोमीटर दर्ज की गई.

कश्मीर अत्यधिक संवेदनशील भूकंपीय क्षेत्र में स्थित है. कश्मीर में पहले भी भूकंप ने तबाही मचाई है. साल 2005 में 8 अक्टूबर को घाटी में आए भूकंप में नियंत्रण रेखा के दोनों ओर 80,000 से अधिक लोग मारे गए थे. वहीं रिक्टर पैमाने पर इसकी तीव्रता 7.6 थी.

क्यों आता है भूकंप?

भूकंप आने के पीछे ये होती है मुख्‍य वजह धरती के अंदर 7 प्लेट्स ऐसी होती हैं जो लगातार घूम रही हैं. ये प्लेट्स जिन जगहों पर ज्यादा टकराती हैं, उसे फॉल्ट लाइन जोन कहा जाता है. बार-बार टकराने से प्लेट्स के कोने मुड़ते हैं. जब प्रेशर ज्यादा बनने लगता है कि तो प्लेट्स टूटने लगती हैं. इनके टूटने के कारण अंदर की एनर्जी बाहर आने का रास्ता खोजती है. इसी डिस्टर्बेंस के बाद भूकंप आता है.

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