अंडमान निकोबार में 4.7 तीव्रता का भूकंप, डिगलीपुर में रहा केंद्र

सीस्मोलॉजिस्ट एक बड़े हिमालयी भूकंप (Himalayan earthquake) को लेकर चिंतित हैं. हालांकि ये निश्चित नहीं हैं कि ये भूकंप कब आएगा. ये जल्द ही या कुछ सौ सालों में कभी भी आ सकता है.
earthquake in Andaman and Nicobar island, अंडमान निकोबार में 4.7 तीव्रता का भूकंप, डिगलीपुर में रहा केंद्र

डिगलीपुर और अंडमान निकोबार में देर रात भूकंप (Earthquake) के झटके महसूस किए गए हैं. नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी के मुताबिक, रिक्टर पैमाने पर भूंकप की तीव्रता 4.3 रही.

भारत में आ सकता है बड़ा हिमालयी भूकंप

दरअसल सीस्मोलॉजिस्ट एक बड़े हिमालयी भूकंप (Himalayan earthquake) को लेकर चिंतित हैं. वैज्ञानिकों ने आगाह किया है कि शिमला जैसे पर्वतीय शहरों के साथ-साथ नई दिल्ली जैसे मैदानी इलाकों के शहर इस आने वाले भूकंप को लेकर तैयार नहीं हैं.

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भूकंप के लिए देश होना होगा तैयार

सीस्मोलॉजिस्ट के मुताबिक ये निश्चित नहीं हैं कि ये भूकंप कब आएगा. ये जल्द ही या कुछ सौ सालों में कभी भी आ सकता है लेकिन वो जोर देकर कह रहे हैं कि जल्द ही इसके लिए देश को तैयार होना जरूरी है.

आखिरी बार 2015 में नेपाल में आया था ऐसा भूकंप

बता दें हिमालय में आखिरी बड़ा झटका 2015 में नेपाल में आए भूकंप था, जिसकी रिक्टर पैमाने (Richter Scale) पर तीव्रता 7.8 थी. इस घटना में लगभग 9,000 लोग मारे गए थे और 22,000 लोग घायल हुए थे. ये भूकंप नेपाल की राजधानी काठमांडू के बड़े हिस्से में आया था. नेपाल में आया भूकंप इतना प्रभावी था कि इससे राजधानी काठमांडू 1.5 मीटर दक्षिण में खिसक गई थी.

क्यों आता है भूकंप?

भूकंप आने के पीछे ये होती है मुख्‍य वजह धरती के अंदर 7 प्लेट्स ऐसी होती हैं जो लगातार घूम रही हैं. ये प्लेट्स जिन जगहों पर ज्यादा टकराती हैं, उसे फॉल्ट लाइन जोन कहा जाता है. बार-बार टकराने से प्लेट्स के कोने मुड़ते हैं. जब प्रेशर ज्यादा बनने लगता है कि तो प्लेट्स टूटने लगती हैं. इनके टूटने के कारण अंदर की एनर्जी बाहर आने का रास्ता खोजती है. इसी डिस्टर्बेंस के बाद भूकंप आता है.

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