कांग्रेस के ‘न्याय’ की आलोचना पर फंसे नीति आयोग उपाध्यक्ष, चुनाव आयोग ने मांगा जवाब

यह कांग्रेस का पुराना तरीका है. वे चुनाव जीतने के लिए कुछ भी कह और कर देते हैं. 1966 में गरीबी हटा दी गई थी, वन रैंक वन पेंशन लागू हो गया था, सबको शिक्षा के अधिकार के तहत शिक्षा मिल रही थी!

नई दिल्ली: चुनाव आयोग ने नीति आयोग के उपाध्यक्ष राजीव कुमार को चिट्ठी लिखकर उस बयान पर स्पष्टीकरण देने की मांग की है जिसमें उन्होंने न्यूनतम आय गांरटी योजना की आलोचना की थी.

दरअसल नीति आयोग उपाध्यक्ष ने मंगलवार को 20 प्रतिशत ग़रीब लोगों को 6000 रुपये की न्यूनतम आय गांरटी योजना देने वाले बयान पर अपनी प्रतिक्रिया में कहा ‘पार्टी चुनाव जीतने के लिए कुछ भी बोल सकती है और कुछ भी कर सकती है.

उन्होंने कहा, “यह कांग्रेस का पुराना तरीका है. वे चुनाव जीतने के लिए कुछ भी कह और कर देते हैं. 1966 में गरीबी हटा दी गई थी, वन रैंक वन पेंशन लागू हो गया था, सबको शिक्षा के अधिकार के तहत शिक्षा मिल रही थी! तो आप देखते हैं कि वो कुछ भी बोल और कर सकते हैं.

बता दें कि चुनाव आचार संहिता के दौरान कोई भी सरकारी कर्मचारी अपने बयान से या किसी भी तरह की सरकारी मशीनरी, गाड़ी या अन्य सामाग्री का इस्तेमाल कर सत्ताधीन सरकार को फ़ायदा नहीं पहुंचा सकता है.

ज़ाहिर है 10 मार्च को चुनाव की तारीखों की घोषणा की गई थी जिसके बाद से ही पूरे देश में आचार संहिता लागू है.

चुनाव आयोग के सूत्र ने बताया कि राजीव कुमार को जवाब के लिए दो दिनों का समय दिया गया है. उनका कहना है कि वो एक सरकारी कर्मचारी हैं और अच्छा होता कि वो ऐसा कुछ भी नहीं बोलते जिससे केंद्र की बीजेपी सरकार को फ़ायदा पहुंचे. उनके बयान से लग रहा है कि वो बीजेपी को फ़ायदा पहुंचाने की कोशिश कर रहे हैं.

इससे पहले कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने सोमवार को कहा कि अगर उनकी पार्टी सत्ता में आती है तो उसकी महत्वाकांक्षी न्यूनतम आय गारंटी योजना के तहत देश के करीब 25 करोड़ लोगों को प्रत्येक वर्ष 72,000 रुपये की वित्तीय सहायता मिलेगी. पार्टी ने इस योजना का नाम ‘न्याय’ रखा है.

इस बारे में जानकारी देते हुए राहुल ने कहा कि इसके तहत देश के 20 प्रतिशत गरीब परिवारों को 72,000 रुपये प्रति वर्ष दिए जाएंगे. इस योजना का सीधे पांच करोड़ परिवारों और 25 करोड़ लोगों को फायदा होगा.

कांग्रेस कार्यसमिति की एक बैठक के बाद मीडिया को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि यह ‘गरीबी पर अंतिम प्रहार’ साबित होगी. इसके साथ ही उन्होंने इस योजना को ‘दुनिया में अद्वितीय’ बताया.

उन्होंने कहा कि यह उन लोगों की आय में योगदान देगी जिनकी आय 12,000 रुपये प्रति माह से कम है.

राहुल ने प्रेस वार्ता की शुरुआत में कहा, “कांग्रेस वादा करती है कि 20 प्रतिशत गरीब परिवारों को प्रत्येक वर्ष 72,000 रुपये दिए जाएंगे. यह राशि सीधे 20 प्रतिशत गरीब परिवार के खाते में जाएगी.”

राहुल ने कहा, “न्यूनतम आय का स्तर 12,000 रुपये रखा गया है. अगर आय 6,000 रुपये है तो हम इसमें राशि मिलाएंगे. जो भी 12,000 रुपये से कम कमाते हैं, हम उनकी आय को 12,000 रुपये तक लेकर आएंगे.”