मोइन कुरैशी केस में ED को बड़ी सफलता, व्यापारी सतीश बाबू गिरफ्तार

सीबीआई ने 15 अक्टूबर को सना सतीश बाबू से कथित रूप से दो करोड़ रुपये रिश्वत लेने के आरोप में राकेश अस्थाना के खिलाफ एफआईआर दर्ज की थी.

नई दिल्ली: प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) को मोइन कुरैशी केस में बड़ी सफलता मिली है. शनिवार रात ईडी ने सना सतीश बाबू को गिरफ्तार कर लिया है.

ईडी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने गिरफ्तारी की पुष्टि की, लेकिन आगे का विवरण साझा करने से मना कर दिया. अधिकारी ने कहा कि सना को दिल्ली से धन शोधन निवारण अधिनियम के तहत गिरफ्तार किया गया.

हैदराबाद का कारोबारी सना गोश्त निर्यातक का करीबी सहयोगी है. इस मामले में इसकी भूमिका तब सामने आई थी, जब इसने पिछले साल भ्रष्टाचार के एक मामले में मदद करने के एवज में वरिष्ठ केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) के अधिकारियों पर रिश्वत लेने का आरोप लगाने वाली धारा 164 के तहत बयान दिया था.

सना सतीश बाबू ने सीबीआई के तत्कालीन स्पेशल डायरेक्टर राकेश अस्थाना पर पांच करोड़ रुपये की रिश्वत मांगने का आरोप लगाया था.

जिसके बाद तत्कालीन सीबीआई निदेशक आलोक वर्मा ने अस्थाना और अन्य के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की थी. सतीश बाबू की गिरफ्तारी दिल्ली में हुई है.

राकेश अस्थाना हमेशा से सना सतीश बाबू को मोइन कुरैशी केस में भ्रष्टाचारी मानते रहे हैं. हैदराबाद के व्यवसायी सतीश बाबू पर मोइन कुरैशी से 50 लाख रुपये लेने का आरोप है.

गौरतलब है कि सीबीआई ने 15 अक्टूबर को सना सतीश बाबू से कथित रूप से दो करोड़ रुपये रिश्वत लेने के आरोप में राकेश अस्थाना के खिलाफ एफआईआर दर्ज की थी.

आरोप है कि मांस कारोबारी मोईन कुरैशी के मामले को रफ-दफा करने के लिए दो बिचौलियों मनोज प्रसाद और सोमेश प्रसाद के जरिए दो करोड़ रुपये की रिश्वत दी गई.

इस मामले में मनोज प्रसाद को 16 अक्टूबर को गिरफ्तार किया गया था. लेकिन नंबर 2018 में कोर्ट से उसे जमानत मिल गई थी.

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