भयंकर मंदी की ओर विश्व! अमेरिका-जर्मनी में रोजगार घटे; IMF का दावा- भारत पर भी दिखेगा असर

वहीं देशों के बीच बढ़ते ट्रेड व्यापार को लेकर जॉर्जिवा ने कहा, 'ट्रेड वार से किसी को कोई फ़ायदा नहीं होगा. सभी देश हारेंगे.'

विश्व आर्थिक मंदी के दौर से गुजर रहा है. आईएमएफ (अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष) का अनुमान है कि भारत सहित विश्व के कई मुल्क़ जिनकी अर्थव्यवस्था काफी तेज़ी से बढ़ रही थी इस साल उनपर आर्थिक मंदी का स्पष्ट असर देखने को मिलेगा.

आईएमएफ की मैनेजिंग डायरेक्टर (प्रबंध निदेशक) क्रिस्टलिना जॉर्जिवा ने स्पष्ट करते हुए कहा है कि बड़े पैमाने पर इसका असर देखने को मिलेगा. 2019-20 में 90 प्रतिशत देश आर्थिक मंदी के चपेट में आएंगे.

‘दो साल पहले पूरा विश्व अर्थव्यवस्था के कुलांचे भर रहा था. जीडीपी आकड़ों को देखें तो 75 फीसदी देशों की अर्थव्यवस्था काफी तेज़ी से बढ़ी. लेकिन अब पूरा विश्व तेज़ी से मंदी की तरफ लुढ़क रहा है. ऐसा लगता है कि साल 2019 में 90 प्रतिशत देशों की आर्थिक वृद्धि अब तक के सबसे निम्नतम स्तर पर पहुंचने वाला है.’ क्रिस्टलिना जॉर्जिवा ने मैनेजिंग डायरेक्टर बनने के बाद अपने पहले भाषण में यह बात कही.

उन्होंने आगे कहा, ‘अमेरिका और जर्मनी में रोज़गार ऐतिहासिक गिरावट झेल रहा है. अब तक विकसित अर्थव्यवस्था वाले देश जैसे कि अमेरिका, जापान और ख़ासकर यूरो वाले देशों में आर्थिक गतिविधियों में कमी आई है. वहीं अर्थव्यवस्था में तेज़ी से बढ़ रहे कई देश जैसे कि भारत और ब्राज़ील में इस साल और भी स्पष्ट गिरावट देखने को मिलेगा.’

आईएमएफ डायरेक्टर ने कहा कि वैश्विक व्यापार वृद्धि ‘लगभग ठहराव’ की स्थिति में आ चुकी है.

आईएमएफ ने भारत के 2019-20 के आर्थिक वृद्धि (जीडीपी ग्रोथ) के अनुमान को 0.3 प्रतिशत कम कर दिया है. इससे पहले वर्ल्ड इकोनॉमिक आउटलुक अपडेट के अनुसार भारतीय अर्थव्यवस्था 2019-20 में 7 फीसदी का अनुमान रखा गया था.

हालांकि यह अनुमान भी 7.3 फीसदी वाले ग्रोथ से कम करने के बाद बताया गया था.

वहीं देशों के बीच बढ़ते ट्रेड व्यापार को लेकर जॉर्जिवा ने कहा, ‘ट्रेड वार से किसी को कोई फ़ायदा नहीं होगा. सभी देश हारेंगे.’