पहले शरद पवार फिर उद्धव ठाकरे से खडसे ने की मुलाकात, कहा- BJP से नाराज नहीं

मंगलवार को खडसे ने सूबे के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे से विधान भवन में मुलाकात की. इससे पहले वह एनसीपी चीफ शरद पवार से मिलने दिल्ली भी गए थे.

मुंबई: बीजेपी के वरिष्ठ नेता एकनाथ खडसे ( Eknath Khadse )ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ( Uddhav Thackeray )से मुलाकात की. उनकी इस मुलाकात के बाद कयास लगाए जा रहे हैं कि बीजेपी से नाराज खडसे कभी भी शिवसेना में शामिल हो सकते हैं. इससे पहले वो एनसीपी चीफ शरद पवार से भी मुलाकात कर चुके हैं. हालांकि इस मुलाकात के बाद मंगलवार को उन्होंने एक बयान देते हुए कहा था कि वो पार्टी से नाराज नहीं थे और उन्होंने पार्टी छोड़ने का भी कोई फैसला नहीं किया.

एनसीपी चीफ शरद पवार से मुलाकात के बाद पार्टी छोड़ने जैसी अटकलों के बीच बीजेपी के वरिष्ठ नेता एकनाथ खडसे ने मंगलवार को कहा कि वह अपनी पार्टी से नाराज नहीं थे और उन्होंने पार्टी छोड़ने का भी कोई फैसला नहीं लिया है. इस बयान के तीन दिन पहले खडसे ने शनिवार को पार्टी नेतृत्व को परोक्ष चेतावनी देते हुए कहा था कि अगर उनका ‘अपमान’ जारी रहा तो वह दूसरे ‘अन्य विकल्पों’ की तलाश करेंगे.

मंगलवार को खडसे ने सूबे के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे से विधान भवन में मुलाकात की. इससे पहले वह एनसीपी चीफ शरद पवार से मिलने दिल्ली भी गए थे. हालांकि बीते दो दिनों में हुई इन दो महत्वपूर्ण मुलाकातों के बाद खडसे ने साफ किया कि इन मुलाकातों के पीछे किसी तरह का राजनीतिक उद्देश्य नहीं है.

विधान भवन में उद्धव के साथ चली करीब 40 मिनट की मुलाकात के बाद पत्रकारों से बात करते हुए खडसे ने कहा कि वह उत्तरी महाराष्ट्र में उनके गृहजिले जलगांव में 6,500 करोड़ रुपये की दो लंबित पड़ीं सिंचाई परियोजनाओं के सिलसिले में बातचीत के लिए शरद पवार से मिले थे.

उन्होंने कहा, ‘मैंने इन परियोजनाओं को पूरा करने के लिए राज्य सरकार से फंड स्वीकृत करने में मदद के लिए पवार से मिला था. इन्हीं मुद्दों पर आगे की बातचीत के लिए मैं आज उद्धव ठाकरे से मिला.’

खडसे ने बताया कि उन्होंने ठाकरे से मध्य महाराष्ट्र के औरंगाबाद में बीजेपी नेता गोपीनाथ मुंडे की याद में एक स्मारक बनवाने का भी निवेदन किया. उन्होंने कहा, ‘जब मैं मंत्री था, मैंने इसके लिए पशुपालन और डेयरी विकास विभाग से संबंधित एक प्लॉट को मंजूरी दी थी, लेकिन मेरे मंत्रालय छोड़ने के बाद प्रॉजेक्ट आगे नहीं बढ़ सका.’

खडसे ने बताया कि ठाकरे ने उनसे कहा है कि वह मुंडे की जयंती के मौके पर 12 दिसंबर को स्मारक की घोषणा करेंगे. उन्होंने कहा, ‘इस प्रॉजेक्ट में 30 से 40 करोड़ का खर्चा आएगा. उद्धवजी जल्द प्रॉजेक्ट को शुरू करेंगे और उन्होंने यह भी कहा है कि वह जब भी औरंगाबाद आएंगे, तो साइट देखने भी जाएंगे.’ खडसे ने यह भी कहा कि वह 12 दिसंबर को बीजेपी नेता पंकजा मुंडे (गोपीनाथ मुंडे की बेटी) द्वारा आयोजित ‘स्वाभिमान रैली’ में भी हिस्सा लेंगे.