पश्चिम बंगाल में चुनाव प्रचार पर रोक, आयोग पहुंचा BJP का प्रतिनिधिमंडल

केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर के नेतृत्व में भाजपा का तीन सदस्‍यीय प्रतिनिधिमंडल चुनाव आयोग से मिला है.
पश्चिम बंगाल, पश्चिम बंगाल में चुनाव प्रचार पर रोक, आयोग पहुंचा BJP का प्रतिनिधिमंडल

नई दिल्‍ली: पश्चिम बंगाल में 19 मई को होने वाले मतदान के लिए गुरुवार रात 10 बजे से चुनाव प्रचार पर रोक लग जाएगी. कोलकाता में भाजपा अध्यक्ष अमित शाह के रोड शो के दौरान भाजपा और तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ताओं के बीच हुई हिंसक झड़प की शिकायतों पर संज्ञान लेते हुए चुनाव आयोग ने यह फैसला किया है. EC के इस फैसले पर विभिन्‍न पार्टियों के नेताओं की प्रतिक्रियाएं आ रही हैं.

केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर के नेतृत्व में भाजपा का तीन सदस्‍यीय प्रतिनिधिमंडल चुनाव आयोग से मिला. BJP ने हिंसा के आरोपियों की तत्‍काल गिरफ्तारी की मांग दोहराई है. जावड़ेकर ने कहा कि राज्य की मुख्यमंत्री सभ्यता और आचार संहिता के खिलाफ हैं. उन्‍होंने कहा कि बंगाल की बहादुर जनता उन्‍हें सबक सिखाएगी. BJP ने मांग की कि “चुनाव आयोग शांति व्यवस्था पर ध्यान दे, क्योंकि सिर्फ पश्चिम बंगाल में हिंसा हो रही है.” उन्‍होंने कहा, “बीजेपी की ओर मांग की गई है कि अब तक चुनाव आयोग ने पश्चिम बंगाल को लेकर जो कदम उठाए हैं, नाकाफी है. टीएमसी के गुंडे लगातार आक्रामक हैं और हिंसा पर उतारू हैं. इनको रोकने के लिए इनकी गिरफ़्तारी की जाए और चुनाव को निष्‍पक्ष बनाए के हर संभव प्रयास किए जाए.

मायावती ने आयोग के फैसले पर उठाए सवाल

मायावती ने चुनाव आयोग पर सवाल उठाते हुए कहा, “चुनाव आयोग ने पश्चिम बंगाल में चुनाव प्रचार पर आज रात 10 बजे से रोक लगा दी है, लेकिन आज दिन में प्रधानमंत्री की दो रैलियां हैं. इससे प्रतीत होता है कि चुनाव आयोग भाजपा के दबाव में काम कर रहा है.” उन्होंने कहा, “अगर उन्हें प्रतिबंध लगाना ही था तो आज सुबह से क्यों नहीं? यह अनुचित है चुनाव आयोग दबाव में काम कर रहा है. बंगाल को भाजपा ने अशांत किया है. ममता बनर्जी को निशाना बनाया जा रहा है. बंगाल सरकार को बदनाम करने की कोशिश है.”

प्रजातंत्र पर हमला हो रहा है : कांग्रेस

वहीं, कांग्रेस प्रवक्‍ता रणदीप सुरजेवाला ने प्रेस कॉन्‍फ्रेंस कर चुनाव आयोग को निशाने पर लिया. उन्‍होंने कहा, “चुनाव आयोग ने अमित शाह के खिलाफ कार्रवाई करने के बजाए कल की उनकी गीदड़भभकी से डरकर चुनाव प्रचार पर ही पाबंदी लगा दी, ताकि अकेले मोदी जी की रैली हो सकें और विपक्ष का कोई भी प्रचार प्रसार न कर सके. चुनाव आयोग जैसी निर्भीक, निष्पक्ष और संवैधानिक संस्था आज मोदी दरबार के अंदर असहज, असहाय, डरी हुई नजर आती है. प्रजातंत्र पर हमला हो रहा है.”

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