चुनाव आयोग की मांग- मतदान से 48 घंटे पहले प्रिंट और सोशल मीडिया से भी बंद हो प्रचार

Share this on WhatsAppचुनाव आयोग का कहना है कि चुनाव प्रचार के दायरे में प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक और सोशल मीडिया भी आने चाहिए. आयोग ने कानून मंत्रालय को पत्र लिखकर यह बात कही है. आयोग सेक्शन 126 में संशोधन करने की मांग रखी है. इससे पीपल्स ऐक्ट के तहत प्रिंट मीडिया, न्यूज पोर्टल और सोशल मीडिया […]

चुनाव आयोग का कहना है कि चुनाव प्रचार के दायरे में प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक और सोशल मीडिया भी आने चाहिए. आयोग ने कानून मंत्रालय को पत्र लिखकर यह बात कही है. आयोग सेक्शन 126 में संशोधन करने की मांग रखी है. इससे पीपल्स ऐक्ट के तहत प्रिंट मीडिया, न्यूज पोर्टल और सोशल मीडिया भी चुनाव प्रचार के दायरे में आ जाएंगे. और मतदान से 48 घंटे पहले इनसे चुनाव प्रचार करने पर बैन लगा दिया जाएगा.

आचार संहिता के दायरे में
मालूम हो कि भारतीय चुनाव प्रणाली में आचार संहिता का प्रावधान किया गया है. इसके तहत मतदान से 48 घंटे पहले क्षेत्र में चुनाव प्रचार खत्म कर दिया जाता है. चुनाव प्रचार खत्म होने से मतदान के समय तक को साइलेंट पीरियड कहा जाता है. चुनाव आयोग का सुझाव है कि साइलेंट पीरियड में की जानेवाली उन्हीं शिकायतों को कोर्ट संज्ञान में ले जिनकी शिकायत चुनाव आयोग से की गई हो. या फिर राज्य के मुख्य चुनाव पदाधिकारी के पास यह शिकायत दर्ज हो.

निक्षपक्ष चुनाव कराने में मिलेगी मदद
बता दें कि फिलहाल आचार संहिता लग जाने पर जनसभा, रैली या चुनाव प्रचार पर सेक्शन 126 के तहत रोक लगाई गई है. साथ ही लेकट्रॉनिक मीडिया या सिनेमेटॉग्रफी के जरिए भी प्रचार नहीं किया जा सकता है. अब आयोग आचार संहिता के दौरान प्रिंट मीडिया और सोशल मीडिया के जरिए भी प्रचार करने पर रोक लगाना चाहता है. चुनाव आयोग का मानना है कि इस कदम से देश में निक्षपक्ष ढंग से चुनाव कराने में मदद मिलेगी.