टीवी एंकर ने दोस्त से करवाई पत्नी की हत्या, प्रेमिका के साथ रची मौत की साजिश

कातिल पति अपने को बेगुनाह दिखाने के लिये पुलिस के सामने कई चरखा दांव चलता रहा लेकिन SP संतोष की साहसी टीम के सामने उसने घुटने टेक दिए.

तीन दिन पहले इटावा के रिहायशी इलाके में दिन दहाड़े हुई हत्या से शहर में सनसनी फैल गई थी. उसके बाद जब आज पुलिस कप्तान ने इस हत्या का खुलासा किया तो हर कोई हैरानी में पड़ गया.

अपने सुहाग के साथ शादी के सात वचन और सात फेरे लेने वाली दिव्या मिश्रा भले ही आज इस दुनिया को हमेशा के लिये अलविदा होकर करवाचौथ के चांद का छन्नी से दीदार न कर पाएं लेकिन जिस चांद को वह वर्षो से पूजती आ रही थीं, आज वही चांद उसका दागदार निकलकर प्रेमिका के साथ जेल की सलाखों में जा पहुंचा.

सुहाग सजनी की सौतन की बाहों में झूलकर अपनी सुहागिनी को मौत की नीँद सुलाने की साजिश रचता रहा और सुहागिनी सुहाग की साजिश को न समझकर करवाचौथ की थाल सजाकर साजन के लिये सजने का सपना देखती रही. लेकिन साजन ने 4 दिन पहले ही अपनी सजनी के सजने के सपने को साथी के हाथो चकनाचूर कर दिया औऱ पति की साजिश के हाथों स्वर्ग सिधार गयी.

न्यूज एंकर अजितेश मिश्रा टीवी के पर्दे पर दूसरो के गुनाहों की स्क्रिप्ट पढ़-पढ़ कर सुर्खियां बटोरने में माहिर हो गया और पर्दे के पीछे अपनी सुहागनी की मौत की स्क्रिप्ट को सौतन की गोद में बैठकर लिखता रहा. दिव्या की गोद 4 साल से सूनी पड़ी थी और उसका सुहाग उसकी सौतन की गोद मे समा चुका था. दिव्या को अपनी सौतन के बारे में पता चला तो वह अपने सुहाग से अपने हक की लड़ाई लड़ने लगी. मनमुटाव बढ़ता गया और दिव्या अपनी ससुराल इटावा आ गई.

अजितेश मिश्रा उसकी प्रेमिका भावना आर्या ने 30 सितम्बर को निजी चैनल से इस्तीफा दिया और अपने साथी अखिल कुमार के साथ पत्नी की हत्या की साजिश रची. हत्या का जिम्मा उस साथी को सौंपा जिसको दिव्या अपना भाई मानकर कलाई पर राखी बांधती थी. 14 अक्टूबर को सोची समझी साजिश के तहत अखिल कुमार अजितेश के कटरा बल सिंह स्थित घर पर गया. अपने भाई अखिल को देखकर दिव्या खुश हुई दरवाजा खोला और भईया प्रवेश कर गये. दिव्या अपनी शादी के एलबम की एक एक फोटो अपने कातिल भाई को दिखाने लगी लेकिन क्या पता था कि एलबम देखने वाला खुद उसको मारकर हमेशा के लिये एलबम में फ्रेम कर देगा.

अखिल कुमार गुलदस्ते से सिर पर वार पर वार करता रहा और अजितेश नोएडा में प्रेमिका की गोद मे बैठकर पत्नी की चीखें सुनता रहा. करवाचौथ के 4 दिन पहले ही दिव्या यह दुनिया हमेशा के लिये छोड़ गई. कातिल पति अपने को बेगुनाह दिखाने के लिये पुलिस के सामने कई चरखा दांव चलता रहा लेकिन SP संतोष की साहसी टीम के सामने उसने घुटने टेक दिए. अजितेश को करने वाली पुलिस टीम को SP संतोष मिश्रा ने बतौर इनाम 15 हजार रुपये नवाजे.