Exclusive: PFI के अनीस अंसारी ने कबूला- “हां मैं वो डॉक्‍यूमेंट लेकर AAP के मंत्री से मिला था”

PFI के अनीस अंसारी ने टीवी9भारतवर्ष के साथ बातचीत में बड़ा खुलासा करते हुए यह कहा, ''हम Public Relation के लिए इमरान हुसैन से मिले थे। उन्हें बुकलेट दी थी, उसके कंटेंट के बारे में बात नहीं करूंगा.''
PFI leader Anis Ansari confession, Exclusive: PFI के अनीस अंसारी ने कबूला- “हां मैं वो डॉक्‍यूमेंट लेकर AAP के मंत्री से मिला था”

नई दिल्‍ली: पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI) के Delhi Zone के सेक्रेटरी अनीस अंसारी ने कबूल किया है कि वो डॉक्यूमेंट लेकर आम आदमी पार्टी सरकार के मंत्री इमरान हुसैन से मिला था.

अनीस अंसारी ने टीवी9भारतवर्ष के साथ बातचीत में बड़ा खुलासा करते हुए यह कहा, ”हम Public Relation के लिए इमरान हुसैन से मिले थे. उन्हें बुकलेट दी थी, उसके कंटेंट के बारे में बात नहीं करूंगा.”

अनीस अंसारी ने भले ही उस बुकलेट के कंटेंट के बारे में कुछ कहने से इनकार कर दिया हो, लेकिन टीवी9भारतवर्ष अपनी एक्‍सक्‍लूसिव रिपोर्ट में पहले ही उस बुकलेट के बारे में खुलासा कर चुका है.

टीवी9भारतवर्ष को दिल्ली विधानसभा चुनाव में PFI की बहुत बड़ी साजिश से जुड़ी कई अहम जानकारियां हाथ लगी हैं. ये खुलासा जुड़ा है उन तस्वीरों से जब CAA के विरोध में हजारों की भीड़ खून-खराबा करने की नीयत से सड़क पर उतर आई थी. ये सब संयोग नहीं था बल्कि PFI की बड़ी साजिश थी. चालिए अब आपको बताते हैं CAA के विरोध के नाम पर हुई हिंसा के पीछे क्‍या थी पीएफआई की साजिश और उस बुकलेट में ऐसा क्‍या है, जिसे लेकर बवाल मचा है.

PFI और रिहैब इंडिया फाउंडेशन की भड़काऊ बुकलेट का नाम है- “India 2047”. इस बुकलेट में मुसलमानों के लिए 100 साल का एजेंडा तैयार किया गया है. PFI के इस डॉक्यूमेंट में हिंदुस्तान के इतिहास की गलत तस्‍वीर पेश की गई है.

250 पन्नों की इस बुकलेट के 16वें पन्ने पर लिखा कि भारत के मुसलमान भीषण अशिक्षा, भेदभाव और उपेक्षा के शिकार हैं. वे देश के भीतर के दंगा मैकेनिज्म से तबाह हैं. उन्हें नरसंहार और नस्लीय सफाए का सामना करना पड़ रहा है. ऐसी ही जहरीली बातें पेज 17 पर भी दर्ज है. जिसमें लिखा गया है कि पश्चिम बंगाल के मालदा और मुर्शिदाबाद जैसे इलाकों में मुसलमान 50 फीसदी से ज्यादा हैं मगर यहां की प्रभावशाली अगड़ी जाति के हिंदुओं ने मुसलमानों को मुख्यधारा के सामाजिक जीवन से बाहर कर दिया है. हिंदू मध्यवर्ग के मुताबिक मुसलमान मिनी पाकिस्तान में रहते हैं.

यही बुकलेट दिल्ली सरकार के मंत्री इमरान हुसैन के हाथ में भी देखी गई है. इसके साथ ही इमरान हुसैन के साथ एक और शख्स इस किताब को हाथ में लिए खड़ा दिखाई दिया, जिसका नाम है ईएम अब्दुल रहमान और वो PFI की नेशनल एक्जीक्यूटिव काउंसिल का सदस्य भी है.

अब सवाल यह कि इस भड़काऊ बुकलेट का आप के विधायक से क्या लेना-देना? आखिर क्यों वो शख्स बल्लीमारां सीट से विधायक इमरान हुसैन के साथ खड़ा था और यह बुकलेट उनके हाथ में क्या कर रही थी? जब इन सवालों का जवाब लेने टीवी9भारतवर्ष की टीम इमरान हुसैन के पास पहुंची तो उन्होंने PFI से किनारा कर लिया. इमरान हुसैन ने कहा, ”मैं किसी बुकलेट के बारे में नहीं जानता हूं. मेरा PFI से कोई नाता नहीं है और न ही मैं किसी बुकलेट के बारे में जानता हूं.”

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