Facebook महज चार साल पुरानी भारतीय कंपनी पर क्यों लगा रहा है बेशुमार पैसा?

मीशो ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म के तहत छोटे उद्यमियों को व्हाट्सएप, फेसबुक, इंस्टाग्राम आदि जैसे सोशल चैनलों पर अपना ऑनलाइन स्टोर शुरू करने में मदद मिलती है.
Facebook investment in Meesho, Facebook महज चार साल पुरानी भारतीय कंपनी पर क्यों लगा रहा है बेशुमार पैसा?

नई दिल्ली: फेसबुक ने गुरुवार को भारतीय स्टार्टअप कंपनी मीशो में निवेश करने की घोषणा की है. भारत में फ़ेसबुक के उपाध्यक्ष अजित मोहन ने वीडियो कॉफ्रेंस के ज़रिए इस बात की पुष्टि की है.

हालांकि इस निवेश में फ़ेसबुक की हिस्सेदारी को लेकर कोई बात सार्वजनिक नहीं की गई है. बेंगलुरू की स्टार्टअप कंपनी मीशो मुख्य रूप से महिला उद्यमियों को ऑनलाइन व्यापार बढ़ाने में मदद करती है.

दिल्ली आईआईटी से स्नातक करने वाले विदित अत्रे और संजीव बरनवाल ने दिसंबर 2015 में मीशो की स्थापना की थी.

मीशो ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म के तहत छोटे उद्यमियों को व्हाट्सएप, फेसबुक, इंस्टाग्राम आदि जैसे सोशल चैनलों पर अपना ऑनलाइन स्टोर शुरू करने में मदद मिलती है.

अजित मोहन ने विशेष जानकारी देते हुए कहा, ‘फ़ेसबुक भारत के आर्थिक और समाजिक विकास में सहयोगी रहा है. हमलोग भारत के बढ़ते इंटरनेट इको सिस्टम को लेकर काफी उत्साहित है. मीशो में निवेश करने की वजह से भारत में रोज़गार बढ़ेगा. ख़ासकर महिला उद्यमियों को इससे काफी मदद मिलेगी.’

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बता दें कि जुलाई 2014 में फ़ेसबुक ने बेगलुरू की स्टार्टअप कंपनी लिटिल आई लैब्स को 10-15 मिलियन डॉलर में ख़रीदा था. यह कंपनी सॉफ्टवेयर टूल्स के ज़रिए एंड्रॉइड एप के प्रदर्शन का विशलेषण करती है.

अजित मोहन के मुताबिक मीशो में निवेश करने की दो मुख्य वजह थी. ‘पहली वजह यह थी कि इसके ज़रिए मेट्रो शहर के अलावा टायर 2 और टायर 3 टाइप के अन्य छोटे शहरों पर फ़ोकस किया गया है.’

दूसरी और मुख्य वजह यह थी कि ‘इसके ज़रिए 20 लाख़ रिसेलर्स जुड़े हैं जिसमें 80 फ़ीसदी महिलाएं हैं.’

वहीं विदित अत्रे का मानना है कि, ‘पिछले चार सालों में इस कंपनी के ज़रिए भारत में 15,000 सप्लायर्स और 20 लाख़ रिसेलर्स जोड़े गए हैं. हमारा और फ़ेसबुक दोनों का लक्ष्य एक समान है और अब हम मिलकर छोटे उद्यमियों को आगे बढ़ाने में मदद करेंगे.’

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