Fact Check: कैलाश विजयवर्गीय ने नहीं चलाया था जूता, जानिए वायरल फोटो का सच

आकाश विजयवर्गीय के अधिकारी पर बैट से हमले के बाद उनके पिता और बीजेपी राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय का भी एक फोटो वायरल हो रहा है. जिसमें वो एक अधिकारी को जूता दिखाते हुए नजर आ रहे हैं.

भोपाल: सोशल मीडिया में बीजेपी के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय का एक फोटो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रही है. फोटो में कैलाश एक अधिकारी को जूता मारते हुए दिख रहे हैं. फोटो शेयर करने वाले यह दावा कर रहे हैं कि ये फोटो बीजेपी नेता कैलाश विजयवर्गीय की ही है. कैलाश के बेटे और इंदौर 3 के विधायक आकाश विजयवर्गीय द्वारा एक अधिकारी की पिटाई किए जाने के बाद ये फोटो सोशल मीडिया पर वायरल हुए. इस फोटो के साथ कैप्शन लिखा गया है-

“यह तस्वीर वीर विधायक आकाश विजयवर्गीय जी के महावीर पिता कैलाश विजयवर्गीय जी की है. तस्वीर में महावीर कैलाश जी 1994 में तत्कालीन ASP प्रमोद फड़नीकर, इंदौर पर जूते से वार कर रहे हैं. कैलाश जी उन दिनों इंदौर के महापौर थे. बेटा, बाप से नहीं सीखे, तो फिर किससे सीखे भला! आज लगभग सभी टीवी चैनल में शहर का नाम व फुटेज देखने को मिला. ऐसे तो टीवी वाले इंदौर तरफ़ देखते भी नहीं है. पिता-पुत्र का हार्दिक शुक्रिया कि उनकी वजह से आज इंदौर का नाम हुआ.”

हालांकि जब इस फोटो की पड़ताल की गई तब सच कुछ और ही निकला. इंडिया टुडे के मुताबिक इस नाम के अधिकारी को कैलाश विजयवर्गीय ने न ही धमकाया और न ही उनपर जूता उठाया. पड़ताल के मुताबिक पता चला कि फोटो में जो अधिकारी है वह 1994 में इंदौर ट्रांसफर किए गए थे. 1989 बैच के ये अधिकारी प्रमोद फड़नीकर फिलहाल नई दिल्ली में आईजी, एनएसजी हैं.

ये फोटो फेक नहीं है और न ही इससे छेड़खानी की गई है. 1994 में ये फोटो उस वक्त खींची गई जब तत्कालीन इंदौरा विधायक कैलाश विजयवर्गीय अपनी समस्याएं तत्कालीन एडिशनल एसपी प्रमोद फड़नीकर को अपने जूते दिखाते हुए आ रहे हैं. जिसे दिखाते हुए वह कह रहे हैं कि “नगरपालिका के चक्कर लगाते-लगाते हमारे जूते घिस चुके हैं पर कुछ नहीं हुआ.”

नगर पालिका अधिकारी के बाहर धरना दे रहे थे कैलाश विजयवर्गीय

इस फोटो में जिस अधिकारी को कैलाश जूता दिखा रहे हैं उनका कहना है कि कैलाश विजयवर्गीय फोटो खींचे जाने के समय नगरपालिका के वरिष्ठ अधिकारी के घर के बाहर धरना दे रहे थे. किसी जल समस्या के निपटारे को लेकर अधिकारी ने वादा किया था जिसे वह समय से नहीं निभा सका. जिसके बाद वह धरना करने अधिकारी के घर के बाहर पहुंच गए. तब एडिशनल एसपी होने के नाते वह कैलाश विजयवर्गीय को समझाने पहुंचे थे.

उनके मुताबिक तब कैलाश विजयवर्गीय ने उन्हें जूता दिखाते हुए कहा था कि उनके जूते घिस गए लेकिन समस्या का निपटारा नहीं हुआ. प्रमोद फड़नीकर ने साफ किया कि कैलाश विजयवर्गीय का गुस्सा नगरपालिका अधिकारी से था ऐसे में उनपर हमला करने का सवाल ही नहीं उठता. वहीं उन्होंने बताया कि फोटो में जो पुलिस अधिकारी दिख रहा है वह भी बहुत सामान्य स्थिति में है, अगर कैलाश उनपर हमला करते तो पुलिस अधिकारी की प्रतिक्रिया कुछ और होती.

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