पंजाब में कोरोना पेशंट को लेकर नई डिस्चार्ज पॉलिसी शुरू, किसानों-मजदूरों ने किया विरोध प्रदर्शन

भारतीय किसान यूनियन मुक्तसर के लोगों के मुताबिक 'सरकार कोरोना (Coronavirus) मरीजों की खैरियत को गंभीरता नहीं ले रही है.

पंजाब में कोरोना (COVID-19) पेशंट को लेकर नई डिस्चार्ज पॉलिसी शुरू की गई है. शनिवार को किसानों और मजदूरों ने इस पॉलिसी पर राज्य भर में विरोध प्रदर्शन किया. प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि कोविड -19 रोगियों को घर भेजा जा रहा है और इससे गांवों में ये बीमारी फैल सकती है.

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भारतीय किसान यूनियन (Bharatiya Kisan Union) के जिला नेता जगतार सिंह कालाजार ने कहा, “विरोध प्रदर्शनों के लिए राज्य स्तर पर आह्वान किया गया था. सरकार अपनी जिम्मेदारी से बच रही है. हम मांग करते हैं कि सभी रोगियों को, जिन्हें घर भेजा गया था उन्हें अस्पतालों में फिर से भर्ती कराया जाए. पंजाब सरकार को उनके इलाज और खाने का खर्च भी उठाना चाहिए.”

किसानों ने यह भी मांग की कि सरकारी अस्पतालों में कर्मचारियों को नियमित किया जाए और स्वास्थ्य कर्मचारियों के नाम 50 लाख रुपये का जीवन बीमा करवाया जाए.

वहीं भारतीय किसान यूनियन मुक्तसर के लोगों के मुताबिक ‘सरकार कोरोना (Coronavirus) मरीजों की खैरियत को गंभीरता नहीं ले रही है. सरकार का कोरोना पॉजीटिव मरीजों और लक्षण ना दिखाई देने वाले मरीजों को घर भेजना वायरस को बढ़ावा देना है. सरकार जानबूझकर ऐसा कर रही है जोकि बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.’

सरकार की डिस्चार्ज पॉलिसी से नाराज बीकेयू उगराहा और पंजाब खेत मजदूर यूनियन के निमंत्रण पर गांव दोदा के बस स्टैंड के पास विरोध जताते हुए पंजाब सरकार के पुतले भी फूंके गए.

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