Jammu Kashmir: 7 महीने हिरासत में रहने के बाद बेटे उमर से फारूक अब्दुल्ला ने की मुलाकात

फारूक अब्दुल्ला (Farooq Abdullah) ने शनिवार को गुलाम नबी आजाद (Gulam Nabi Azad) के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस भी की. इस दौरान आजाद ने कहा, "Jammu Kashmir का केंद्र शाषित प्रदेश घोषित किया जाना यहां की जनता का अपमान है."
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सात महीने हिरासत में रहने के बाद जम्मू एवं कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला रिहा हुए और शनिवार को बेटे उमर अब्दुल्ला से मुलाकात करने पहुंचे. 16 सितंबर 2019 को हिरासत में लिए जाने के बाद फारूक अब्दुला 13 मार्च को ही रिहा हुए हैं.  वहीं उनके बेटे उमर अब्दुल्ला (Umar Abdullah) श्रीनगर के हरि निवास में अब भी नजरबंद हैं. सूत्रों का कहना है कि अब फारूक अब्दुल्ला अपनी रिहाई के बाद बेटे की रिहाई की राह देख रहे हैं.

रिहाई के एक दिन बाद फारूक अब्दुला ने गुलाम नबी आजाद के साथ एक प्रेस कान्फ्रेंस की. प्रेस कान्फ्रेंस में गुलाम नबी आजाद (Ghulam Nabi Azad)  ने कहा- “7 महीने की हिरासत (Detention) के बाद मेरी मुलाकात हुई है. उनके इस डिटेंशन की वजह अबतक नहीं पता.” उन्होंने आगे कहा- “जम्मू एवं कश्मीर की प्रगति के लिए सभी नेताओं का रिहा होना बेहद जरूरी है. साथ ही चुनाव प्रक्रिया भी शुरू होनी चाहिए.”

इसी के साथ गुलाम नबी आजाद ने कहा- “जम्मू एवं कश्मीर का केंद्र शाषित प्रदेश (Union Territory) घोषित किया जाना यहां की जनता का अपमान है” हालांकि पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला और महबूबा मुफ्ती (Mehbooba Mufti) अभी भी हिरासत में हैं. दोनों को लोक सुरक्षा अधिनियम (PSA)के तहत नजरबंद रखा गया है.

हालांकि प्रेस कॉन्फ्रेंस में फारूक अब्दुल्ला ने कुछ नहीं कहा. अब्दुल्ला ने शुक्रवार को ही कह दिया था कि जबतक सभी रिहा नहीं हो जाते हैं तब तक वो किसी सवाल का जवाब नहीं देंगे और न ही कोई राजनीतिक बयानबाजी करेंगे. सभी के रिहा हो जाने पर ही वो राजनीतिक मामलों में कुछ बोलेंगे.

IANS

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